– केंद्रीय मंत्री- दिग्विजय सिंह 3 राज्यसभा सीट रिक्त
अनोखा तीर, भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार 8 जून 2026 तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना पूरी होने के बाद उसी दिन परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है।
तीन सांसदों का कार्यकाल हो रहा समाप्त
मध्य प्रदेश से राज्यसभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तथा भाजपा के केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ.सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। डॉ. सोलंकी वर्ष 2020 में राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे इस बार राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी जगह कांग्रेस में कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव और सज्जन सिंह वर्मा प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
कांग्रेस के सामने संख्याबल की चुनौती
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त संख्याबल जुटाने की है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है, जबकि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान नहीं कर पाएंगे। वहीं बीना विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी स्पष्ट नहीं मानी जा रही है, क्योंकि वे भाजपा और कांग्रेस के बीच असमंजस की स्थिति में बताई जा रही हैं। वर्तमान विधानसभा गणित के अनुसार भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 64 विधायक हैं। इसके अलावा भारत आदिवासी पार्टी का एक विधायक है और एक सीट रिक्त चल रही है। ऐसे में कांग्रेस के लिए एक सीट जीतना भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
जॉर्ज कुरियन को फिर जिता सकती है भाजपा
केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा दोबारा राज्यसभा भेज सकती है। वे मोदी सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री हैं। वर्ष 1980 से भाजपा से जुड़े कुरियन पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव में कांजिरापल्ली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद दक्षिण भारत में भाजपा के प्रमुख ईसाई चेहरे और केंद्र सरकार में सक्रिय भूमिका के कारण पार्टी उन्हें फिर मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने पर विचार कर सकती है। पेशे से वकील कुरियन सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर चुके हैं।
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