अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले में किसानों को समर्थन मूल्य खरीदी एवं सिंचाई व्यवस्था को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला कांग्रेस ने संभाग आयुक्त नर्मदापुरम को ज्ञापन सौंपकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को गेहूं एवं चने की उपज बेचने के लिए 10-10 दिन तक सड़कों पर रात गुजारना पड़ रहा है। आरोप लगाया गया कि समर्थन मूल्य खरीदी शुरू होने से पहले न तो पर्याप्त तैयारी की गई और न ही समय पर उपार्जन समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। खरीदी केंद्रों की व्यवस्था, हम्मालों की उपलब्धता तथा वेयर हाउसों की सही मैपिंग नहीं होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में ए.आर.सी.एस. वासुदेव भदोरिया एवं डी.एम.ओ. योगेश मालवीय को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा गया है कि दोनों अधिकारी पिछले 5 से 6 वर्षों से जिले में पदस्थ हैं। उनकी कार्यशैली के कारण समर्थन मूल्य खरीदी और खाद वितरण में लगातार अव्यवस्था एवं कालाबाजारी की स्थिति बनी रहती है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि खरीदी केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। ट्रालियों के सर्वे के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं तथा किसानों के लिए न तो छांव की व्यवस्था है और न ही पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही कुछ वेयर हाउसों में गेहूं की चूरी मिलाने एवं नॉन एफएक्यू चना खरीदे जाने जैसी अनियमितताओं की जांच की मांग भी की गई है। ज्ञापन में मूंग फसल को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। बताया गया कि जल उपभोक्ता समिति की बैठक में किसानों को 50 दिनों तक 2100 से 2200 क्यूसेक पानी नहरों में देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक केवल 1700 से 1800 क्यूसेक पानी ही दिया जा रहा है। वर्तमान में मूंग की फसल फूल पर होने और अत्यधिक तापमान के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि किसानों को अगले 10 दिनों तक कम से कम 2000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाए तथा किसान हित में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जाए।
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