अनोखा तीर, हरदा। बुधवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान करीब 18 संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम 46 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल रहीं, जिनमें नाराजगी देखी गई। मजदूर संघ के सदस्य पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर प्रोत्साहन राशि के स्थान पर नियमित मानदेय देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा उनके मानदेय में वृद्धि की मांग की गई। एनएचएम के संविदा कर्मियों की बीमा, स्थानांतरण और वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने की मांग भी शामिल रही। प्रदर्शनकारियों ने सहकारिता क्षेत्र में वेतनमान पुनरीक्षण की विसंगतियों के निराकरण, जिला सहकारी बैंकों में सहायक महाप्रबंधक पद सृजन तथा बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग रखी। इसके अलावा वर्ष 2001 से पूर्व के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और मृतक आश्रितों को नौकरी देने के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मजदूर और कर्मचारी महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा आशा और आशा संगिनी कर्मचारियों को घोषित मानदेय का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है और उनके साथ उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

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