–परिजनों का आरोप, गलत ऑपरेशन से गई जान
अनोखा तीर, हरदा। हरदा में एक चिकित्सक की लापरवाही से एक मासूम की जान चली गई। मंगलवार को मृतक के परिजनों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया, जहां कलेक्टर के नहीं आने पर मृतक के माता-पिता ने आत्मदाह का प्रयास किया। घटना 17 सितंबर की है, जब डॉ. भरत काटकर ने अर्जुन का अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के बाद अर्जुन की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने फिर से डॉ. काटकर को दिखाया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। 15 अक्टूबर को परिजन अर्जुन को भोपाल एम्स ले गए, जहां करीब दो महीने तक इलाज चला। परिजनों का कहना है कि डॉ. काटकर ने आंतों को ओवरलैप कर दिया था और एब्डोमेन का अधिक हिस्सा काट दिया था। साथ ही दवाओं की अत्यधिक मात्रा दी गई थी। इन सब कारणों से अर्जुन की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया और 9 दिसंबर 2024 को अर्जुन की मौत हो गई। इस संबंध में मृतक के चाचा प्रोफेसर सुनील कुमार ने बताया कि न्याय के लिए पहले भी चार बार प्रदर्शन किया जा चुका है। परिजनों की मांग है कि डॉ. काटकर का क्लीनिक सील किया जाए, उनका लाइसेंस रद्द कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। एसडीओपी अर्चना शर्मा का कहना है कि चार पांच महीने पहले एक शिकायत आई थी कि डॉ भरत काटकर के गलत इलाज करने से अर्जुन नामक युवक की मौत हो गई है। उसके सम्बन्ध में ही यह सभी लोग कलेक्ट्रेट आए हुए थे। वहीं कुछ ऑडियो भी वायरल हुई थे, जिसमें प्रोफेसर सुनील एवं डॉ काटकर के बीच बातचीत के दौरान गाली गलौज हुई थी।

सीएमएचओ ने जांच टीम गठित की
जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर जीरो पर मामला कायम कर डायरी भोपाल भेज दी थी। चूंकि घटनास्थल भोपाल ही था। आज यह सभी लोग डॉ भरत काटकर पर गलत इलाज करने पर कार्रवाई की मांग को लेकर आए थे। इस मामले में सीएमएचओ के द्वारा एक जांच टीम गठित की गई है। जांच के बाद जो भी निष्कर्ष निकलता है हम कार्रवाई करेंगे।





