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Saturday, 10 October 2026
हरदा

वृद्धाश्रम एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न  

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अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम तथा प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (विधि संकाय), हरदा में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में न्यायाधीश व सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्रशेखर राठौर ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं वृद्धजनों को बताया कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं गरिमापूर्ण जीवन की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने वृद्धजनों से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क विधिक सहायता तथा वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं संरक्षण अधिनियम की जानकारी प्रदान की। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों से आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम तो है ही, साथ ही धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार भी यदि माता-पिता भरण पोषण के लिए असमर्थ हैं तो अपनी संतान के खिलाफ भरण पोषण की मांग हेतु आवेदन न्यायालय में लगा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों से उनके स्वास्थ्य, खानपान संबंधी जानकारी ली। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं समाज में उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करना रहा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, संजीव राहंगडाले ने कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015, नि:शुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता, साइबर अपराध से बचाव तथा विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। शिविर में उपस्थित छात्र/छात्राओं ने विधिक विषयों से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा विधिक जागरूकता के इस प्रयास की सराहना की। जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे ने शिविर में उपस्थित छात्र/छात्राओं को कानून के विभिन्न पहलुओं के संबंध में जागरूक किया। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, हाशिए पर पड़े कमजोर आदिवासियों और विस्थापित/खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करने की योजना 2025, दहेज प्रतिषेध कानून, साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा या अन्य विधिक सेवा संस्थान में उपस्थित होकर, पत्र के माध्यम से, नालसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर, 15100 पर कॉल कर, विधिक सहायता/सलाह आसानी से प्राप्त कर सकता है। शिविर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (विधि संकाय), हरदा के प्राचार्य बी.के. बिछोतिया, प्राध्यापक गण, कॉलेज के विधि छात्र/छात्राएं, वृद्धजन एवं पैरालीगल वालेंटियर्स एल.के.पारे एवं ज्योति राजपूत, शैफाली घावरी आदि उपस्थित रहे।

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