पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा हिरासत में..

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 

लोकायुक्त ने पांच घंटे की पूछताछ, कोर्ट में किया पेश

अनोखा तीर, भोपाल। करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, उनके सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल को भोपाल लोकायुक्त की टीम ने हिरासत में ले लिया। सौरभ को कोर्ट परिसर के बाहर से गिरफ्तार किया गया। लोकायुक्त कार्यालय में उससे करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे भोपाल कोर्ट में पेश किया गया। लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि सौरभ से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस दौरान यह भी जांचा जाएगा कि सौरभ ने अपनी गिरफ्तारी से पहले कहां-कहां समय बिताया। जयदीप प्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसियों की ओर से सौरभ को किसी प्रकार का जान का खतरा नहीं होगा। हालांकि, पूछताछ की वीडियोग्राफी के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

सौरभ के वकील का आरोप : गिरफ्तारी असंवैधानिक

सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने लोकायुक्त की कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि सौरभ सोमवार को खुद कोर्ट में उपस्थित होकर सरेंडर करने के लिए आवेदन दे चुका था। मंगलवार सुबह 11 बजे उसे कोर्ट में हाजिर होना था, लेकिन इससे पहले ही लोकायुक्त ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पाराशर ने कोर्ट में लोकायुक्त के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत करते हुए मांग की है कि सौरभ से की जाने वाली पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूछताछ की रिकॉर्डिंग की तीन कॉपियां बनाई जाएं- एक कोर्ट, दूसरी लोकायुक्त और तीसरी सौरभ के पास दी जाए।

सौरभ का पार्टनर शरद भी हिरासत में

सौरभ शर्मा के सहयोगी शरद जायसवाल को भी लोकायुक्त की टीम ने हिरासत में लिया है। उनके वकील सूर्यकांत बुझाड़े ने बताया कि लोकायुक्त ने शरद के पते पर एक नोटिस चस्पा किया था, जिसमें 27 तारीख को लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था। शरद ने नोटिस का पालन करते हुए लोकायुक्त कार्यालय में अपना बयान दर्ज कराया, लेकिन बयान के बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।

कोर्ट परिसर से गिरफ्तारी पर उठे सवाल

सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर वकीलों और लोकायुक्त के बीच विवाद गहराता जा रहा है। वकील राकेश पाराशर का कहना है कि सौरभ को कोर्ट परिसर के बाहर से गिरफ्तार किया गया, जबकि लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने दावा किया कि गिरफ्तारी भोपाल की एक अन्य लोकेशन से की गई। हालांकि, इस बारे में लोकायुक्त ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

कोर्ट में पेशी के बाद जांच जारी

लोकायुक्त की टीम ने करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा से पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। इसके बाद उसे भोपाल कोर्ट में पेश किया गया। लोकायुक्त ने अब तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आई है।

पूछताछ की वीडियोग्राफी पर टिकी निगाहें

सौरभ के वकील द्वारा पूछताछ की रिकॉर्डिंग कराने की मांग ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। कोर्ट इस पर क्या निर्णय लेता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं, लोकायुक्त की टीम का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। सौरभ शर्मा की गिरफ्तारी और उससे जुड़ा यह मामला अब कानूनी दांवपेंच के बीच उलझता जा रहा है। कोर्ट के आगामी फैसले और लोकायुक्त की जांच से इस मामले में नए खुलासे की उम्मीद है।

Views Today: 2

Total Views: 280

Leave a Reply

error: Content is protected !!