–विश्नोई समाज का पांच दिवसीय अगहन महोत्सव का समापन
-मेले में जुटे देश भर के लोग, प्रतिभा सम्मान आयोजित
अनोखा तीर, हरदा। आज हम सबके सामने नशा सबसे बड़ी चुनौती है। बच्चों को शिक्षा के साथ साथ संस्कार देना जरूरी है। कोई भी समाज बिना शिक्षा के विकास नहीं कर सकती है। युवाओं को हमें नशे की प्रवृत्ति से बचाना है। बच्चों को शिक्षा के साथ साथ संस्कार देना भी जरूरी है। विश्नोई समाज के पांच दिवसीय अगहन महोत्सव के समापन अवसर पर रविवार को नीमगांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में यह बातें समाज के संत आचार्य डा.गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कही। उन्होंने समाज के लोगों को चेताते हुए कहा कि कालेज में जब बच्चे पहुंचे तो उनका विशेष ध्यान रखो। बच्चों की संगत अच्छी होनी चाहिए ताकि वह भविष्य का निर्माण कर सकें। कालेज के टापर के साथ आपके बच्चे की संगत होनी चाहिए ताकि वह भी सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे सके। उन्होंने कहा कि आजकल एमडी नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। समाज के युवा इस नशे की लत में न आए यह विशेष ध्यान रखना है। समाज के सचिव पूनमचंद पवार ने गत वर्ष के अगहन महोत्सव का आय व्यय और समाज के विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी दी। समाज के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता आरडी झूरिया ने संबोधन में कहा कि समाज में विवाह या सगाई विच्छेद ना हो इसके लिए समाज के लोग पूरी जिम्मेदारी के साथ रिश्ते करें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुहागमल पंवार ने कहा कि समाज के मेधावी बच्चों के अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। समाज के अध्यक्ष आत्माराम पटेल ने आभार व्यक्त करते हुए समाज को एक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मनोज पूनिया ने स्व. सोहनलाल पूनिया खमलाय की स्मृति मुकाम धर्मशाला में एक कमरा बनाने के लिए एक लाख 11 हजार तथा एक लाख रुपये की राशि सत्यनारायण बेनीवाल सोनखेड़ी ने नीमगांव मंदिर के रंग रंगोन के लिए दिए। समाज के किसी की मृत्यु के बाद होने वाले बारहवें दिन का भोजन बंदर करने का निर्णय लिया। घर बैठने के लिए नौ दिन का समय रखा जाएगा। इस दौरान समाज के पूर्व अध्यक्ष बद्रीप्रसाद कालीराणा, पूर्व अध्यक्ष व न्याय समिति के अध्यक्ष हीरालाल खोखर, कोषाध्यक्ष श्यामलाल बाबल, उपाध्यक्ष हरनारायाण जाणी, उपाध्यक्ष रमेश लोल, उपाध्यक्ष रवि आंजना, सह सचिव रामजीवन गोदारा, परमानंद गीला, बृज जाणी, राजस्थाने से आए रामसिंह कस्वा व देवाराम पंवार सहित समाज के सैकड़ों लोग मौजूद थे।

प्रतिभाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में जिला व प्रदेश का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों, खेल व कला जगत की प्रतिभाएं, पर्यावरण व पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं सहित अन्य लोगों का सम्मान किया गया। सचिव पवार ने कहा कि एक दिन पूर्व मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
परिसर को रखा प्लास्टिक मुक्त
कोशिश पर्यावरण सेवक टीम नीमगांव के मप्र प्रभारी शांतिलाल सारन ने अपनी टीम के साथ प्रसिद्ध पर्यावरण विद् खमुराम विश्नोई के मार्गदर्शन में पूरे मेेले परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखा तथा लोगों को तांबे के लोटों में पेयजल दिया। प्रभारी सारन ने बताया कि मेले में सैकड़ों लोग पहुंचे, जिन्हें पर्यावरण सुरक्षा के लिए जागरूक भी किया गया।
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