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Friday, 6 November 2026
मध्य प्रदेश

फर्जी सीबीआई बनकर डीपीसी को किया था फोन, डर कर दे दिए सवा लाख

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अनोखा तीर, छिंदवाड़ा। सर्व शिक्षा अभियान में करोड़ो का बजट आवंटन और भ्रष्टाचार की खबरे पहले भी रही हैं, लेकिन अब सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े अधिकारी से सीबीआई के नाम पर ठगी हो गई है। आयकर विभाग, ईडी, सीबीआई का डर इन दिनो सभी को है। नर्सिंग कॉलेजो की जांच के बाद सीबीआई की चर्चा शहर में बीते दिन रही है। हालत यह है कि अब जिला स्तर के अधिकारी तक सीबीआई और ईडी के नाम से डरने लगे हैं। स्पेशल 26 फिल्मी तर्ज की फर्जी सीबीआई के नाम पर किए गए फोन पर भी अधिकारी लाखों रुपए खाते में ट्रांसफर कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला छिंदवाड़ा में भी सामने आया है। जहां सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े जिले के सबसे बड़े अधिकारी ने फर्जी सीबीआई के फोन पर सवा लाख रुपए डाल दिए और कोई इंक्वारी भी नहीं की। बाद में जब पता चला तो इसकी शिकायत साइबर सेल से की गई है। मामला है छिंदवाड़ा डीपीसी जगदीश इडपाचे से जुड़ा हुआ है।

जिला परियोजना समन्वयक श्री इडपाचे का बेटा इंदौर में रहता है। तीन-चार दिन पहले डीपीसी के पास एक फोन आया जिसमे फोन करने वाला ने कहा कि मैं सीबीआई से बोल रहा हूं आपके बेटे को पकड़ा गया है और आप रुपए भेजिए। इस फोन के बाद डीपीसी ने अपने पास से 80 हजार रुपए और एक अन्य व्यक्ति के पास से 50 हजार रुपए फोन करने वाले को भेज दिए। बाद में पता चला कि यह सीबीआई नहीं बल्कि साइबर फ्रॉड है। इसी तरह का एक काल कुछ दिनो पहले तामिया के व्यापारी अशोक सोनी को आया था तुरंत युवा व्यापारी अनिल साहू ने फर्जीवाडे के काल को पकड़ लिया था। इस बात का पता चलने के बाद डीपीसी ने मामले की शिकायत साइबर सेल से की है।

सीबीआई के नाम पर क्यो दिये रुपए

भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारी नेता और उद्योगपतियों को ईडी और सीबीआई का डर हो सकता है। की कहीं उनकी कलई ना खुल जाए। लेकिन छिंदवाड़ा जैसे छोटे शहर में शिक्षा से जुड़े एक जिला समन्वयक ने आखिर सीबीआई के फोन पर रुपए क्यों दिए। यह सवाल इस शिकायत के बाद उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा डर डीपीसी को सता रहा है जिसके चलते उन्होंने सीबीआई के नाम पर किए गए फोन की इंक्वारी तक नहीं की और रुपए डाल दिए। यहां तक की अपने बेटे से पूछताछ किए बगैर ही डीसी ने खुद और एक अन्य व्यक्ति के खाते से लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए डालें डीपीसी को किस बात का डर है। यह बात समझ से परे है। या फिर कोई ना कोई ऐसा कारण है जिसके कारण सीबीआई का नाम सुनते ही डीपीसी के होश उड़ गए।

शिक्षित भी हो रहे सायबर फ्राड का शिकार

आरबीआई तथा बैंको की चेतावनी के बाद भी पड़े लिखे अधिकारी सायबर फ्राड का शिकार हो रहे हैं। साइबर फ्रॉड को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। हर किसी को यह बताया जा रहा है कि आपको किया गया फोन फ्रॉड भी हो सकता है और आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। किस-किस तरीके से साइबर फ्रॉड किए जा रहे हैं। इस बात की भी पूरी जानकारी दी जा रही है। उसके बाद भी लोग लगातार साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे है। अब तो हालत यह हो गए हैं कि शिक्षा विभाग से जुड़े बड़े अधिकारी भी ऐसे फ्रॉड के शिकार होने लगे। हालांकि यह फोन सीबीआई के नाम पर था लेकिन फिर भी एक अधिकारी जो पढ़ाई के उच्च स्तर पर है उन्हें इस बात की तस्दीक अवश्य करनी चाहिए थी कि सीबीआई का फोन फर्जी है या फिर कोई मामला हुआ है।

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