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Tuesday, 3 November 2026
राष्ट्रीय

हाई कोर्ट का अहम निर्णय, सरकार की अपील खारिज, संशोधित वेतनमान देने के आदेश

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हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के सर्वेक्षकों यानी सर्वेयर्स के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य की सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार की अपील को खारिज करते हुए कृषि विभाग के सर्वेयर्स को उद्योग विभाग के सर्वेयर्स के बराबर वेतनमान देने का आदेश दिया है।

सरकारी अपील खारिज, संशोधित वेतनमान का लाभ

जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए कहा कि कृषि विभाग के सर्वेयर्स को पहली अप्रैल 1984 से उद्योग विभाग के सर्वेक्षकों के बराबर वेतनमान दिया जाए। वही समय-समय पर संशोधित वेतनमान का लाभ याचिका दायर करने से तीन साल पहले से जारी किया जाएगा।चुंकी कृषि विभाग के सर्वेक्षक संघ ने वर्ष 1998 में तत्कालीन प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी, हाईकोर्ट के आदेशों के तहत उन्हें बढ़े हुए वेतनमान का वास्तविक लाभ 1995 से मिलेगा।

वास्तविक वेतनमान का भी लाभ

याचिकाकर्ता संघ ने दलील थी कि उनका भर्ती का तरीका, न्यूनतम योग्यता, कार्य की प्रकृति एवं दायित्व दोनों ही विभागों की एक जैसी है। इसके बाद खंडपीठ ने कृषि विभाग और उद्योग विभाग के सर्वेक्षकों में वेतनमान विसंगति को भेदभावपूर्ण ठहराया है। साथ ही अदालत ने याचिका दाखिल करने से तीन साल पहले की अवधि से एक्चुअल यानी वास्तविक वेतनमान का लाभ देने के भी आदेश पारित किए हैं। बता दे कि नोशनल यानी काल्पनिक लाभ वे लाभ होते हैं, जो पिछली तारीख से दिए जाते हैं, किंतु उनका वित्तीय लाभ वास्तविक कार्य ग्रहण की तारीख से मिलता है।

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