अनोखा तीर, हरदा। अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान विद्याभारती मध्यभारत प्रांत की प्रान्तीय प्राचार्य, प्रधानाचार्य योजना बैठक शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर में प्रारंभ हुई। तीन दिवसों की इस बैठक में सरस्वती शिशु मंदिरों की समीक्षा एवं आगामी गत सत्र योजना बनेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री यतीन्द्र शर्मा, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के अध्यक्ष बनवारीलाल सक्सेना, मध्यभारत प्रांत के संगठन मंत्री निखलेश माहेश्वरी, सह संगठन मंत्री अनिल अग्रवाल, प्रादेशिक सचिव शिरोमणी दुबे, निरंजन शर्मा की उपस्थिति में हुआ। बैठक में मध्यभारत प्रांत के लगभग 250 प्रधानाचार्य, प्राचार्य एवं 50 पूर्णकालिक कार्यकर्ता सहित प्रान्तीय समिति उपस्थित थे। प्रांतीय योजना बैठक की प्रस्तावना प्रांत प्रमुख डॉ.भावसार ने रखी। इस अवसर पर उपस्थित अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री यतीन्द्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें योजक बनाकर कार्य करना चाहिए, अतीत का ज्ञान रखकर वर्तमान के परिदृष्य का ध्यान रखते हुए भविष्य की और अग्रसर रहना चाहिए। हम जिसका नेतृत्व कर रहे है उनका उनका विश्वास अर्जित करना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा क्षेत्र में बहुत चुनोतियां है अनेक समस्याएं है। हमारा संपर्क साधना व्यापक होना चाहिए। हमारा नेतृत्व भगवान गणेश के नेतृत्व के समान होना चाहिए। विद्याभारती के आधारभूत एवं केन्द्रीय विषयों के प्रतिवेदन उनके प्रांत प्रमुखों ने प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालयों की मुद्रित पत्रिकाओं का विमोचन एवं प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया गया। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर भी विचार मंथन किया गया।

