Skip to content
Wednesday, 4 November 2026
हरदा

किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भाकिसं ने सौंपा ज्ञापन

5 min read
Text Size:

अनोखा तीर, हरदा। भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसान हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए शासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा राशि भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। संघ ने जिलों की शॉर्टफॉल रिपोर्ट, जिसमें वास्तविक उपज, थ्रेशहोल्ड उपज एवं उपज में कमी का विवरण हो, अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा रिमोट सेंसिंग एवं सेटेलाइट आधारित प्रक्रिया के स्थान पर पुन: फसल कटाई प्रयोग प्रारंभ करने की मांग की। साथ ही केला एवं मिर्च की फसलों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग रखी गई। ज्ञापन में सभी कृषि उपज मंडियों में उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक मानक परीक्षण, डोकेज टेस्टिंग एवं ग्रेडिंग मशीनें लगाने की मांग की गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली की तौल बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटों से कराने तथा मंडियों में लगे सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखने की बात कही गई। कैमरे बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई। संघ ने सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन शीघ्र प्रारंभ करने तथा खरीफ की धान, मक्का, ज्वार एवं बाजरा सहित सभी प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की। रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी ज्ञापन में चिंता व्यक्त की गई। संघ ने पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने, एनपीके खाद पर डीएपी की तरह अनुदान देने तथा वितरण व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने की मांग की, ताकि प्रत्येक किसान को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। इसके अलावा खरीफ फसलों को अतिवृष्टि, आंधी-तूफान, वायरस एवं अन्य बीमारियों से हुए नुकसान की भरपाई करने और किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की गई। कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं कोटा बढ़ाने, जंगली पशुओं द्वारा फसल को पहुंचाए जाने वाले नुकसान की भरपाई शासन द्वारा करने तथा तार फेंसिंग के लिए किसानों को अनुदान देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। भारतीय किसान संघ ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए घोषित योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से संचालन सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण शासन की प्राथमिकता होना चाहिए। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में कृषि, सिंचाई और विद्युत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की है। संघ ने मांग की कि भारतीय किसान संघ द्वारा बनाए गए खाद-बीज, मंडी व्यापार के लाइसेंस तथा नाबार्ड के माध्यम से सरलता से ऋण उपलब्ध कराया जाए। मालवा फेडरेशन को शासकीय सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रदेश में नवीन निर्माण एजेंसी के रूप में मालवा फेडरेशन को जिम्मेदारी देने की मांग भी की गई। ज्ञापन में अमानक कृषि आदानों को किसानों की बड़ी समस्या बताते हुए कहा गया कि इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ उत्पादकता भी प्रभावित होती है। कृषि आदानों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सजा का प्रावधान करने तथा जांच के बाद ही कृषि आदानों की बिक्री की अनुमति देने की मांग की गई। भारतीय गोवंश एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देशी गाय के दूध पर 10 रुपए प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देने तथा प्रदेश में कृषि न्यायालय की स्थापना करने की मांग रखी गई। साथ ही बंद पड़ी कृषि उपज मंडियों को पुन: शुरू करने और निजी भूमि पर लगे सागवान की कटाई की पात्रता किसानों को देने की मांग की गई।
सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग
सिंचाई के क्षेत्र में संघ ने प्रदेश में बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को तत्काल पूरा करने तथा नहरों की मरम्मत एवं साफ-सफाई समय से पहले कराने की मांग की। संघ का कहना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को फसल उत्पादन में काफी लाभ मिलेगा।
बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण पर जोर
विद्युत समस्याओं को लेकर संघ ने संभाग स्तर पर किसान प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति गठित करने की मांग की। अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा डीसी स्तर पर ट्रांसफार्मर बैंक बनाने की मांग की गई, जिसमें पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध रहें। कृषि पंपों की गलत बिलिंग, क्षमता की गलत गणना एवं अन्य विद्युत संबंधी विवादों के निराकरण के लिए पूर्व में गठित समितियों को पुन: शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में की गई। संघ ने कृषि क्षेत्र में नए स्थायी बिजली कनेक्शन मांगने पर उपलब्ध कराने तथा सब्जी एवं अन्य उत्पादन करने वाले किसानों को मीटर लगाकर 24 घंटे बिजली कनेक्शन देने की मांग की। आगामी रबी सीजन में कंपनी के निर्धारित मापदंड के अनुसार किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके अलावा जले हुए ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने तथा 24 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर बदलने की मांग भारतीय किसान संघ ने की है। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष अरुण पटवारे, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र बांके, संभागीय सदस्य रामकृष्ण मुकाती, आनंद राम किरार, ब्रजमोहन राठौड़, राज नारायण गौर, बालकृष्ण मालगाया, शिवदान सिंह राजपूत, संजय खोदरे, बालक दास छापरे, मुकेश बांके, सुनील बांके, मुकेश दीनबंधु गौर, दुगाया, सोनू गोलियां, आनंद माली, शिवदान नारायण मालवीय सहित किसान उपस्थित रहे।

4 Views
What do you think?

Leave a Reply