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Wednesday, 4 November 2026
हरदा

मिशन हैप्पी हरदा…

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-विद्यार्थी प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों का करेंगे अध्ययन

अनोखा तीर, हरदा। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के बीएससी (एग्रीकल्चर) अंतिम वर्ष के 33 विद्यार्थी ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम रावे के अंतर्गत अगले छह माह तक हरदा जिले के विभिन्न ग्रामों में किसानों के बीच रहकर कृषि का व्यावहारिक अध्ययन करेंगे। विद्यार्थियों का यह प्रशिक्षण मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कृषि शिक्षा को खेत, किसान और ग्रामीण जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना है। रावे कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थी प्रो. लखन रवाया के मार्गदर्शन में हरदा पहुंचे हैं। कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में सभी 33 विद्यार्थियों ने पानतलाई का भ्रमण किया और वहां संचालित कृषि गतिविधियों एवं प्राकृतिक खेती के मॉडल को करीब से समझा। इस अवसर पर राजीव बाहेती, ओम नारायण शुक्ला, अक्षत ऊर्जा के संस्थापक अशोक गुर्जर एवं साहिल मलिक उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने खेतों का अवलोकन किया तथा कृषि कार्यों और प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के पश्चात विद्यार्थियों ने रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र, हरदा में आयोजित परिचर्चा में भाग लिया। यहां स्वाति गुरु ने विद्यार्थियों को कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तकनीकों के माध्यम से फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य की निगरानी, मौसम एवं कृषि संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण तथा बेहतर कृषि निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार की बढ़ती भूमिका से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र, हरदा के उमेश शर्मा ने कहा कि इस वर्ष विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती के साथ आधुनिक एवं तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों का भी व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी केवल खेती की तकनीकों का अध्ययन ही नहीं करेंगे, बल्कि किसानों के साथ रहकर उनकी वास्तविक समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय कृषि परिस्थितियों को समझेंगे। छह माह के दौरान विद्यार्थी विभिन्न ग्रामों में किसानों से सीधे संवाद करते हुए मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, फसल उत्पादन, कृषि लागत, जल प्रबंधन, पशुपालन, जैविक संसाधनों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि विपणन एवं किसान आजीविका जैसे विषयों का अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही किसानों के अनुभव और स्थानीय ज्ञान को भी अपने अध्ययन का हिस्सा बनाएंगे।

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