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Wednesday, 28 October 2026
हरदा

पीएम-उषा योजना….

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-विद्यार्थियों ने किया सांची स्तूप एवं उदयगिरि गुफाओं का शैक्षणिक भ्रमण

अनोखा तीर, टिमरनी। भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय, टिमरनी के 52 विद्यार्थियों ने पीएम-उषा योजना के अंतर्गत एमपी कॉन के सहयोग से सांची स्तूप एवं उदयगिरि की गुफाओं का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास, संस्कृति, कला, स्थापत्य एवं पुरातात्विक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना तथा कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को ऐतिहासिक स्थलों के प्रत्यक्ष अवलोकन से जोड़ना रहा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सांची स्तूप का अवलोकन किया। सांची भारतीय बौद्ध स्थापत्य एवं संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां स्थित महान स्तूप अपनी प्राचीन स्थापत्य कला, आकर्षक तोरण द्वारों तथा उन पर उकेरी गई कलात्मक शिल्पकृतियों के लिए प्रसिद्ध है। विद्यार्थियों ने स्तूप की संरचना, तोरणों पर अंकित बौद्ध जीवन एवं तत्कालीन सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन से संबंधित दृश्य तथा परिसर में स्थित अन्य प्राचीन स्मारकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। सांची की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों ने पुरातात्विक संरक्षण के महत्व को भी जाना। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने उदयगिरि की गुफाओं का भ्रमण किया। उदयगिरि की गुफाएं प्राचीन भारतीय शैल-कट स्थापत्य एवं मूर्तिकला का महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। यहां गुप्तकालीन कला की उत्कृष्ट झलक देखने को मिलती है। विशेष रूप से भगवान विष्णु के वराह अवतार की विशाल शैल प्रतिमा विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने गुफाओं में निर्मित प्रतिमाओं, शिल्पकला, स्थापत्य शैली एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का प्रत्यक्ष अध्ययन किया तथा प्राचीन भारत की कला एवं तकनीकी दक्षता को समझा। इस अवसर पर एमपी कॉन की ओर से कमलेश कुमार गढ़वाल उपस्थित रहे। महाविद्यालय की ओर से पीएम-उषा प्रभारी डॉ. अरुण सिकरवार, सुश्री मीनाक्षी यादव, डॉ. सुनीत काशिव, डॉ. अभिषेक नागपुरे, डॉ. प्रियंका चंदेल, गजानंद गौर, राजेश बिल्लौर, दीपक कटारिया एवं अनिल नायर उपस्थित रहे। महाविद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दोनों ऐतिहासिक स्थलों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता प्राप्त की। महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि पीएम-उषा योजना के अंतर्गत इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन, भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

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