-5.12 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित
-कुल 2,077 प्रकरणों का हुआ समझौते के आधार पर निपटारा
-4154 पक्षकारों को मिला सीधा लाभ
-छह साल से अलग रह रहे पति-पत्नी भी साथ रहने को हुए राजी
अनोखा तीर, हरदा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा के तत्वावधान में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को जिला न्यायालय हरदा सहित व्यवहार न्यायालय खिरकिया एवं टिमरनी में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में सुलह-समझौते के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 885 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए 5,12,34,026 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी 1,192 प्रकरणों का निराकरण कर 1,12,38,656 रुपये की वसूली की गई।
15 खंडपीठों ने किया प्रकरणों का निराकरण
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा अरविंद रघुवंशी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिले में लोक अदालत के लिए कुल 15 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिनमें 14 खंडपीठ न्यायालयों की तथा एक खंडपीठ उपभोक्ता फोरम की बनाई गई थी। गठित खंडपीठों द्वारा पक्षकारों को आपसी सुलह और समझौते के लिए समझाइश दी गई। इसके परिणामस्वरूप लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के कुल 2,077 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लंबित प्रकरणों में 5.12 करोड़ रुपये के अवार्ड
लोक अदालत में कुल 885 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में 5 करोड़ 12 लाख 34 हजार 26 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इन प्रकरणों के निराकरण से 1,770 पक्षकारों को सीधा लाभ मिला। इसी प्रकार, प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,192 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 12 लाख 38 हजार 656 रुपये की वसूली की गई तथा 2,384 लोगों को लाभान्वित किया गया। इस प्रकार लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को मिलाकर कुल 4,154 पक्षकारों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ।
राजीनामे के बाद पक्षकारों को भेंट किए फलदार पौधे
लोक अदालत में खंडपीठों द्वारा दी गई समझाइश के बाद अनेक पक्षकार अपने-अपने प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण करने के लिए राजी हुए। प्रकरणों के राजीनामे के आधार पर समाप्त होने के बाद पक्षकारों को स्मृति स्वरूप फलदार पौधे भेंट किए गए। इस अवसर पर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया।
छह साल से अलग रह रहे पति-पत्नी में हुई सुलह
नेशनल लोक अदालत में एक उल्लेखनीय प्रकरण में छह वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच सुलह कराई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदिका गायत्री और अनावेदक राजकुमार के बीच विवाद के चलते दोनों पिछले छह वर्षों से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। आवेदिका गायत्री द्वारा भरण-पोषण की राशि दिलाए जाने के संबंध में माननीय कुटुम्ब न्यायालय में प्रकरण क्रमांक एमजेसीआर/135/2026, गायत्री विरुद्ध राजकुमार, धारा 125(3) दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। लोक अदालत के दौरान माननीय न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश दी गई तथा सुलहवार्ता कराई गई। समझाइश और आपसी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई। पति-पत्नी ने पुन: साथ रहकर अपना वैवाहिक जीवन बिताने की सहमति जताई। इस प्रकरण का निराकरण 12 सितंबर 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरविंद रघुवंशी द्वारा दोनों पक्षों को फलदार पौधे भेंट किए गए तथा उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
लोक अदालत का उद्देश्य सफल
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में सहायता मिली, बल्कि पक्षकारों को समय और संसाधनों की बचत के साथ विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भी प्राप्त हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया में सुलह और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला।





