नवीन नवाचारों से संस्कृत शिक्षण को बनाया जाएगा रुचिकर

अनोखा तीर, हरदा। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत प्रतिमाह आयोजित होने वाली एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण उन्नयन कार्यशाला में जिले के संस्कृत शिक्षकों को नवीन नवाचारों के माध्यम से प्रभावी और दक्षतामूलक संस्कृत शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया। मास्टर ट्रेनर हेमलता अग्रवाल ने पीपीटी, पाठ आधारिक विषय वस्तु, समूह गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से पाठ्यपुस्तक के पाठों को रुचिकर और मनोरंजक ढंग से पढ़ाने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए। साथ ही पाठ, व्याकरण, लेखन, निबंध, पत्र-लेखन और परियोजना कार्य की तैयारी कराने का अभ्यास कराया गया। उन्होंने पाठ्यपुस्तक के पाठों और विषयवस्तु के बीच से ही प्रश्नों को प्रभावी ढंग से डिजाइन और निर्मित करने की प्रक्रिया भी शिक्षकों को समझाई। प्रशिक्षण में संस्कृत भाषा को विद्यार्थियों के लिए रोचक, मनोरंजक और गतिविधि-आधारित बनाने के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विषयवस्तु को समझाया गया। शिक्षकों ने पूरे उत्साह और धैर्य के साथ प्रशिक्षण को समझते हुए कहा कि उन्हें पहली बार इस प्रकार की नवीन शिक्षण विधियों को जानने-समझने का अवसर मिला है। उन्होंने इन नवाचारों को अपने कक्षा-कक्ष में अपनाकर विद्यार्थियों के लिए संस्कृत का रुचिकर और आनंददायी वातावरण निर्मित करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर राहुल जाट, सारिका शर्मा, पंकज उइके और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि सहित जिले के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के संस्कृत शिक्षक उपस्थित रहे।

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