-फिनटेक क्षेत्र में नौकरी और उद्यमिता पर हुआ कार्यक्रम
अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस हरदा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश गौर की अध्यक्षता में हथकरघा दिवस एवं फिनटेक क्षेत्र में नौकरी एवं उद्यमिता पर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ आशा गायकवाड़ एवं मनीषा चौहान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत एवं मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से की गई। त्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.अशोक कोचले ने विश्व हथकरघा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हथकरघा केवल कपड़ा तैयार करने का माध्यम नहीं है। यह हमारी समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और शून्य-कार्बन उत्सर्जन वाली सस्टेनेबल जीवनशैली का प्रतीक है। इसी क्रम में अजय बिलारे ने फिनटेक यानी वित्तीय प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तकनीक और बैंकिंग के इस अनूठे संगम ने पारंपरिक लेन-देन को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। डिजिटल पेमेंट्स, ऑनलाइन बैंकिंग और फिनटेक ऐप्स के माध्यम से वित्तीय सेवाएं अब बेहद तेज, पारदर्शी और दूरदराज के क्षेत्रों तक सुलभ हो चुकी हैं। इसी के साथ महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी वीके बिछोतिया ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के बारे में बताते हुए कहा कि यह दिन भारत के हथकरघा बुनकरों के कौशल को सम्मान देने, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और 1905 में इसी दिन शुरू हुए ऐतिहासिक स्वदेशी आंदोलन की याद दिलाने के लिए समर्पित है। इसी क्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य राजेश कुमार गौर ने विद्यार्थियों को बताया कि हथकरघा दिवस 7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में शुरू हुआ स्वदेशी आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक ऐतिहासिक क्षण था। इसने स्वदेशी उत्पादों और उत्पादन प्रक्रियाओं के पुनरुद्धार पर जोर दिया। इस ऐतिहासिक आंदोलन की याद में भारत सरकार ने आत्मनिर्भरता की भावना का जश्न मनाने और देश के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में हथकरघा क्षेत्र के योगदान का सम्मान करने के लिए 2015 में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किया। कार्यक्रम का संचालन अंकिता गायकवाड़ एवं तनीषा चौहान द्वारा किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ आशा गायकवाड़ ने हथकरघा दिवस के बारे में बताते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय से डॉ योगेश गौर, डॉ शारदा द्विवेदी सहित समस्त स्टाफ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक गौरव राजपूत, लेदाराम सोलंकी, पलक चौहान, वैशाली शाक्य, निशिका मीणा सहित अन्य स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।



