अनोखा तीर, हरदा। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा हरदा को आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘मैं भी स्वदेशी समर्थक’ अभियान का शुभारंभ किसान भवन, बाहेती कॉलोनी, हरदा में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. एल. एन. पाराशर ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक स्तर पर भी लड़े जा रहे हैं। ऐसे समय में स्वदेशी की भावना ही देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आत्मसम्मान की रक्षा का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग करे और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करे, तो देश आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक स्वदेशी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए। इस अवसर पर सत्यनारायण दोगने एवं अरुण मालवीय ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग स्थानीय उद्योगों, कुटीर एवं लघु उद्योगों तथा देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करता है। योगमाया शर्मा ने अभियान में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताते हुए कहा कि परिवार में स्वदेशी की शुरुआत घर से ही होती है। कमल सोनी ने स्वदेशी विचारों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ओमनारायण शुक्ला ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी सेनानी बनकर समाज में जनजागरण करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन त्रिलोक शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाकर हम स्थानीय कारीगरों, किसानों, लघु उद्योगों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम में शिक्षाविद एवं समाजसेवी मीरा शर्मा, रामशंकर मुकाती, सुरेंद्र कौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र, हरदा के संयोजक उमेश शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के उपयोग का विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, श्रम, कौशल और आत्मनिर्भरता से जुड़ा राष्ट्रीय संकल्प है।कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित नागरिकों द्वारा स्वदेशी अपनाने एवं उसके प्रचार-प्रसार की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
हरदा को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘मैं भी स्वदेशी समर्थक’ अभियान का शुभारंभ

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