अनोखा तीर, हरदा। मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष यतीन्द्र (राजा) केशरवानी ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई की उपस्थिति में मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय का विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम मंडी सचिव हरदा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस निर्णय को प्रदेश के व्यापारियों, किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा आम उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया गया। साथ ही कहा गया कि व्यापारी वर्ग से पर्याप्त संवाद किए बिना लिया गया यह निर्णय व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न करेगा। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी हमेशा किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों की पक्षधर रही है तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सकारात्मक और न्यायोचित निर्णय की अपेक्षा करती है। ज्ञापन में मांग की गई कि मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। व्यापारिक संगठनों, किसान प्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा कर सर्वसम्मति से नई नीति बनाई जाए। ऐसी व्यापार एवं कृषि नीति लागू की जाए, जिससे किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि से पहले सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत विचार-विमर्श सुनिश्चित किया जाए। यतीन्द्र (राजा) केशरवानी ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेशभर के व्यापारी संगठनों और किसानों के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जनआंदोलन करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ संजय पटवर्धन, जिला उपाध्यक्ष रविशंकर शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास, पूर्व नगर अध्यक्ष आशुतोष कोठारी, सूरज सिंह राजपूत, सतीश भादू, सुनील राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

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