अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने जिले के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों एवं नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा है कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, सेवानिवृत्ति, पुण्यतिथि अथवा अन्य शुभ अवसरों पर बच्चों के लिए पोषण किट या डेस्क-बैंच भेंट कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा उपहार न केवल किसी बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि हरदा को कुपोषण मुक्त और बेहतर शिक्षा वाला जिला बनाने के अभियान को भी नई गति देगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने तथा शासकीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोषण प्रहरी अभियान एवं विद्या आसन अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने दोनों अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव दिए तथा अभियान से जुड़कर सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक में बताया गया कि विद्या आसन अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए डेस्क-बैंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिल सके। वहीं पोषण प्रहरी अभियान जनभागीदारी पर आधारित एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से गंभीर कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों को पोषण किट उपलब्ध कराकर उन्हें सुपोषण की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। एक पोषण किट की लागत 1,160 रुपये है, जिसमें बच्चों के पोषण के लिए आवश्यक सामग्री शामिल रहती है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विवेक शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र गरिमा टोप्पो सहित समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शुभ अवसरों पर बच्चों को दें पोषण किट या डेस्क-बैंच का उपहार

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