
अनोखा तीर, हरदा। पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सनातन परंपरा को जोड़ते हुए हरदा में एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई। दादाजी धाम में पहली नक्षत्र वाटिका एवं नगर गृह वाटिका का विधिवत रोपण किया गया। इस अवसर पर दादाजी परिवार के सदस्यों सहित शहर के गणमान्य नागरिकों ने अपने-अपने नक्षत्र के अनुरूप वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दादाजी धाम के गुरु अंबिका प्रसाद शर्मा ने सभी को संकल्प दिलाया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने गुरु के नाम एक वृक्ष अवश्य लगाए, ताकि गुरु भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचे। डॉ. श्रीकांत अवस्थी ने कहा कि गुरु जीवन का मार्गदर्शक होता है और गुरु के नाम पर लगाया गया वृक्ष श्रद्धा एवं संस्कार का जीवंत प्रतीक बन जाता है। उन्होंने गुरु के नाम एक पेड़ की अवधारणा को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। डॉ. अंकुर ने कहा कि सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने दादाजी परिवार द्वारा समाज सेवा के विभिन्न आयामों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में हरदा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, किसान मोर्चा अध्यक्ष गौर, मंडल अध्यक्ष नितेश बादर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राजेश वर्मा ने कहा कि हरदा में स्थापित यह पहली नक्षत्र वाटिका केवल जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। परशुराम सेना हरदा से सुधीर शर्मा एवं नितिन जोशी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं भोपाल से आए ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने नक्षत्र वाटिका के सफल रोपण पर दादाजी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा पर एक पेड़ गुरु के नाम लगाने का संकल्प दिलाया। आचार्य पंकज शर्मा ने कहा कि गुरु के नाम एक पेड़ लगाने का संकल्प केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है। हरदा में स्थापित यह नक्षत्र वाटिका प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। नक्षत्र वाटिका में भारतीय ज्योतिष एवं सनातन परंपरा में वर्णित 27 नक्षत्रों के अनुरूप वृक्षों का रोपण किया गया। मान्यता के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र से जुड़े वृक्ष का रोपण एवं संरक्षण कर प्रकृति से आध्यात्मिक जुड़ाव स्थापित कर सकता है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इस अवसर पर राजीव गुलाटी, डॉ. अंकुर, डॉ. श्रीकांत अवस्थी, अतुल शर्मा, रमेश चौबे, ओम लिल्हारे, हिमांशु शर्मा, आशुतोष गोस्वामी, अभिषेक राजपूत, रिकी पटेल, अर्पण मिश्रा, मदन पटेल, पूनम पटेल, सौरभ तिवारी, बसंत सिंह राजपूत, अनिल गौर सहित बड़ी संख्या में दादाजी परिवार के सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वृक्षारोपण कर पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि एक पेड़ गुरु के नाम अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जा सके। उनका कहना था कि यदि प्रत्येक परिवार अपने गुरु, माता-पिता अथवा अपने जन्म नक्षत्र के नाम एक वृक्ष लगाए, तो यह अभियान प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण का बड़ा जनआंदोलन बन सकता है। उपस्थित लोगों ने इस पहल को प्रकृति संरक्षण, सनातन संस्कृति और गुरु भक्ति का सुंदर संगम बताते हुए इसकी सराहना की।



