मृत्यु के बाद भी दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गए प्रभात तिवारी

-नेत्रदान से दिया मानवता का संदेश
अनोखा तीर, हरदा। शहर के स्व. प्रभात तिवारी ने मृत्यु उपरांत भी मानवता की अमिट मिसाल पेश की है। अपने नेत्र दान कर दो नेत्रहीनों के जीवन में रोशनी का संकल्प छोड़ गए। उनके इस प्रेरणादायी निर्णय से समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता का संदेश गया। उनके पुत्र श्रीकांत और शिवाकान्त के साथ परिजनों की सहमति के बाद नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। प्रेरक प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से कम से कम 2 लोगों को रोशनी मिलती है। नेत्र दान करने की प्रक्रिया डॉ. बी.पी. दोगने के साथ विनीत दोगने और उनकी टीम ने की। इसके बाद इन नेत्र को सुरक्षित रूप से एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक, इंदौर भेजे गए, जहां से इन्हें जरूरतमंद नेत्रहीन व्यक्तियों के प्रत्यारोपण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

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