अनोखा तीर, हरदा। जिला प्रशासन हरदा द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देशानुसार बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 तथा मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के पालन में जिला स्तर से ग्राम स्तर तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला, अनुभाग, तहसील, ब्लॉक, सेक्टर, ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकाय स्तर पर संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में राजस्व, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाने की कार्रवाई करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता ली जाएगी तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बाल विवाह संपन्न होने की स्थिति में आयोजकों, माता-पिता, रिश्तेदारों एवं सहयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग करें तथा किसी भी संभावित बाल विवाह की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहकर संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला से ग्राम स्तर तक अधिकारी नियुक्त

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