अनोखा तीर, रहटगांव। करीबी ग्राम पंचायत नजरपुरा में अंजनाल नदी के पुल के पास स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए रपटा सह पुलिया का निर्माण वर्षों से लंबित है। बारिश के मौसम में नदी उफान पर होने के कारण ग्रामीणों को अंत्येष्टि के लिए बहते पानी के बीच से अंतिम यात्रा निकालनी पड़ती है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण के लिए धन की कमी नहीं है। पंचायत ने जनपद निधि, विधायक निधि और ग्राम पंचायत की राशि मिलाकर 44.32 लाख रुपये की व्यवस्था कर प्रस्ताव पारित किया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) को भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक स्वीकृति नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। टिमरनी जनपद उपाध्यक्ष अनिल वर्मा (लिबर्टी) ने बताया कि आरईएस में तकनीकी स्वीकृति लंबित होने के कारण पुलिया का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि समय रहते तकनीकी स्वीकृति जारी नहीं हुई तो बारिश के दौरान ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चार दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सरपंच प्रतिनिधि सुभाष किरार ने बताया कि ग्रामीणों को अंत्येष्टि के लिए नदी पार करनी पड़ती है, जो बेहद जोखिम भरा है। इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया और कलेक्टर से भी मुलाकात की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द तकनीकी स्वीकृति देकर पुलिया निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो नजरपुरा के लोग एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल विकास का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा है।
मुक्तिधाम तक पहुंचना बना जानलेवा सफर, पुलिया नहीं बनने पर आंदोलन की चेतावनी

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