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Thursday, 22 October 2026
हरदा

19 हजार किसानों की नहर जलकर वसूली चार पटवारियों के भरोसे

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-स्टाफ संकट से जूझ रहा जल संसाधन विभाग
-डिजिटल युग में अब भी कागजी रसीदों पर चल रहा काम

अनोखा तीर, मसनगांव। एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया और सुशासन के दावे कर रही है, वहीं हरदा जिले का जल संसाधन विभाग आज भी पुराने ढर्रे पर काम करने को मजबूर है। हालात यह हैं कि करीब 19 हजार किसानों से नहर जलकर की वसूली का जिम्मा मात्र चार पटवारियों के कंधों पर है। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण न केवल वसूली व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरदा डिवीजन के अंतर्गत आने वाले चार सब डिवीजनों में हजारों किसान नहर से सिंचाई कर रहे हैं। विभाग में एक-एक पटवारी के जिम्मे 70 से 100 गांव तक का क्षेत्र है। ऐसे में वसूली, एग्रीमेंट और रिकॉर्ड संधारण जैसे कार्य समय पर करना लगभग असंभव हो गया है। परिणामस्वरूप विभाग गांवों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों को अपनी राशि जमा करने के लिए हरदा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
गांवों से गायब हुई वसूली व्यवस्था
किसानों का कहना है कि पहले विभाग के कर्मचारी गांव-गांव पहुंचकर एग्रीमेंट और जलकर वसूली का कार्य करते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से यह व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है। किसानों को 11 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर हरदा पहुंचना पड़ रहा है। किसानों का सवाल है कि जब विभाग खेतों तक पानी पहुंचा सकता है तो वसूली के लिए गांवों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा है।
डिजिटल व्यवस्था नहीं होने से परेशानी
किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित करने वाला जल संसाधन विभाग अब तक ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था शुरू नहीं कर पाया है। वर्तमान में कागजी रसीदों के माध्यम से वसूली की जा रही है। जबकि बिजली बिल, कर और अन्य सरकारी भुगतान ऑनलाइन हो रहे हैं, ऐसे में नहर जलकर के लिए किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
रिक्त पदों से बढ़ा काम का बोझ
विभागीय सूत्रों के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्थान पर वर्षों से नई भर्ती नहीं हुई है। इसके कारण उपलब्ध कर्मचारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली सेवाओं और विभाग की राजस्व वसूली पर पड़ रहा है। किसान बाजूलाल छलौत्रे, द्वारकादास पाटिल और बालकदास पाटिल ने कहा कि यदि विभाग ऑनलाइन भुगतान सुविधा शुरू करे और गांव स्तर पर शिविर लगाए जाएं तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है।  इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ रोहन विलियम्स ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए शुक्रवार को मसनगांव क्षेत्र में विशेष शिविर लगाया जाएगा, जहां नहर जलकर की राशि जमा की जा सकेगी।

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