-43 डिग्री तापमान के बीच हरदा जिले के पटवारी कर रहे गांव-गांव जाकर सीमांकन
-लघुसिंचाई संगणना और किसान संबंधित कार्य
अनोखा तीर, हरदा। जिले में इन दिनों गर्मी ने अपने तेवर पूरी तरह दिखा दिए हैं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और लू के कारण शहर के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं ग्रामीण इलाकों में भी किसान खेतों के बजाय अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। दोपहर के समय सड़कों पर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। ऐसे भीषण गर्मी के दौर में जहां आम लोग घरों में सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं जिले के पटवारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए तपती धूप में गांव-गांव घूमकर किसानों के काम कर रहे हैं। शासन द्वारा सौंपे गए विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य जैसे सीमांकन, जनगणना, लघु सिंचाई संगणना, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण और फार्मर रजिस्ट्री इन सबकी जिम्मेदारी पटवारियों के कंधों पर है। गर्मी की तीव्रता इतनी अधिक है कि सुबह 10 बजे के बाद ही हालात असहनीय हो जाते हैं, फिर भी पटवारी दिनभर फील्ड में रहकर अपने कार्यों को पूरा कर रहे हैं। कई स्थानों पर उन्हें बिना किसी छाया या पर्याप्त संसाधनों के काम करना पड़ रहा है। पानी और विश्राम की सीमित सुविधाओं के बीच वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर दस्तावेजी कार्यवाही और निरीक्षण कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में भी पटवारियों की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। वहीं आफिस में बैठे अधिकारी प्रदेश ओर जिले में प्रथम आने कि होड़ में पटवारियों पर दबाव बनाकर इस भीषण गर्मी में टारगेट देकर काम करने पर मजबूर कर रहे हंै। दिन भर काम का दबाव ओर प्रतिदिन शाम को विडियो कांफ्रेंस से जानकारी लेकर मानसिक दबाव दिया जा रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में हरदा जिले के पटवारियों की मेहनत और समर्पण न सिर्फ कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पेश कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर कितनी मेहनत की जाती है।

