अनोखा तीर, हरदा। जिला प्रशासन एवं निजी क्षेत्र के लाल बहादुर पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय के बीच जिले के किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर करने के लिए कार्य करने का एमओयू किया गया है। जिसके तहत महाविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को पांच-पांच किसान आवंटित किए जाएंगे। ये विद्यार्थी आवंटित किसानों के बीच पहुंचकर उनको जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभ बताएंगे। साथ ही रासायनिक खेती छोड़कर जैविक/प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। गुरूवार को महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि विद्यार्थियों को कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिक द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों के बारे में भलीभांति प्रशिक्षित किया जाए ताकि वे किसानों को इस संबंध में अच्छी तरह जागरूक कर सके। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा जैविक खेती जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करने का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस कार्य का अगला चरण जिले को जैविक दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाना भी होगा। विद्यार्थियों के इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उप संचालक कृषि जे.एल. कास्दे, जैविक कृषक डॉ. शिवनारायण चाचरे, महाविद्यालय के संचालक राजीव खरे भी मौजूद थे।
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