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Friday, 30 October 2026
हरदा

पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी ….

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खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में एक दिवसीय उपवास  
अनोखा तीर, हरदा।  राजस्थान के बीकानेर में खेजड़ी बचाने के लिए चल रहे आंदोलन के समर्थन में हरदा में भी विश्नोई समाज आगे आया है। शहर के वीर तेजाजी चौक पर गुरूवार को समाज के लोगों ने एक दिवसीय उपवास किया। इसमें विश्नोई समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोगों ने भी अपना समर्थन दिया। विश्नोई समाज युवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लोकेश विश्नोई ने बताया कि बीकानेर में खेजड़ी वृक्ष बचाने के लिए 363 संतों सहित अन्य पर्यावरण प्रेमियों  द्वारा अनशन-धरना दिया जा रहा है। उसी के समर्थन में यहां 29 लोग धरना स्थल पर उपवास पर बैठे हैं। वहीं समाज के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अपने-अपने घरों पर रहकर इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। उल्लेखनीय  है कि पश्चिमी राजस्थान में चल रहे सोलर पावर प्रोजेक्ट के चलते राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी जिसे रेगिस्तान की जीवनरेखा कहा जाता है।  आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर संभाग में विकास के नाम पर हजारों खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए। उन्होंनें कहा कि  कई जगहों पर पेड़ काटने के बाद सबूत मिटाने की बात सामने आई है। खेजड़ी वृक्ष की अवैध कटाई से विश्नोई समाज और पर्यावरण से जुड़े लोगों में नाराजगी है। समाज के लोगों का कहना है कि इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था भी आहत हो रही है। इसी वजह से उनका विरोध अब आंदोलन की राह पर है। एक दिवसीय धरना-आंदोलन में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
लोकेश विश्नोई ने बताया कि एक दिवसीय धरना दौरान समाज के लोगों ने हवन कुंड में आहुतियां छोड़ीं। बीकानेर में अनशन पर बैठे संतों ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि यदि  ट्री एक्ट पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।
सुबह से रात तक चला धरना
खेजड़ी बचाओं आंदोलन सुबह 8 बजे से प्रारंभ होकर रात 8 बजे तक चला। इस बीच शाम साढ़े 5 बजे प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग या समाज के लिए नही बल्कि मानव समाज के हितों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

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