अनोखा तीर, हरदा। आज रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसे एक सबसे अच्छा बजट बताया, वहीं कांग्रेस द्वारा इसे अब तक का सबसे निराशाजनक बजट बताया है। वहीं क्षेत्र के किसानों ने भी इस बजट पर अपनी निराशा ही व्यक्त की है।
बजट किसानो की आय दुगनी करने वाला : कमल पटेल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद भाजपा कार्यालय में जश्न मनाया गया। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने बजट को किसानों की आय दुगनी करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट अब तक का सबसे संतुलित बजट है। इस बजट से देश के हर व्यक्ति को लाभ होगा और किसानों की आय दुगनी होगी।
आम जनता के लिए निराशाजनक है बजट : मोहन सांई
केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट से आमजनता निराश हुई है। यह बजट गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने वाला है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई ने आरोप लगाया कि यह सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के हित में बजट बनाकर लागू करती है। इस बजट में नारियल, काजू, अखरोट जैसी खेती की बात तो की गई है, लेकिन जो किसानों की मुख्य मांग एमएसपी पर खरीदी है, उस पर कोई बात नहीं की गई है।
जन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा बजट : विधायक दोगने
हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने भारत सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता, किसान, युवा एवं मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की आय बढ़ाने जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बजट में ठोस और प्रभावी प्रावधानों का अभाव दिखाई देता है। डॉ. दोगने ने कहा कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन और छोटे व्यापारियों के लिए ठोस सहायता पैकेज की भी कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह बजट के प्रावधानों की पुन: समीक्षा कर आमजन, किसानों एवं युवाओं के हित में आवश्यक संशोधन करे, ताकि देश का समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट : राजेश वर्मा
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने इस बजट को विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला बजट बताया है। इस बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने सभी वर्गाे को ध्यान में रखकर दूरगामी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास, कृषि, किसान, मजदूर और महिलाओं के लिए ऐतिहासिक प्रावधान किए है।
बजट ने किया किसानों को निराश : गोदारा
देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। भारत आज भी गांव रहता है। इसके बावजूद केंद्र की सरकार जब अपना सालाना बजट पेश करती है और उस गांव और वहां पर रहने वाले किसानों के लिए बजट में कोई प्रावधान न होना पूरी तरह निराशाजनक है। यह बात किसान नेता महेंद्र सिंह गोदारा ने केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीताशरण द्वारा बजट पेश करने के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप कही। उन्होंने कहा कि आज किसान पूरी तरह कर्ज में डूबा हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष में 5 लाख रुपए तक की किसान के्रडिट कार्ड में ब्याज दर छूट की बात कही गई थी, वह भी लागू नहीं हुई है। जो किसान सम्मान निधि की राशि दी जा रही है, वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार द्वारा न तो स्वामीनाथन रिपोर्ट को मान्य किया गया है और न ही किसानों की फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी पर ही खरीदे जाने की घोषणा की गई है। एक ओर देश की सरकार अपने आप को किसान हितैषी बताती है, लेकिन देश के बजट में किसानों के लिए कुछ न होना और उद्योगपतियों के लिए यह बजट होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को समर्पित सर्वस्पर्शी बजट : मीणा
केंद्रीय बजट 2026-27 किसान, युवा, नारी शक्ति और वंचित वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। रोज़गार सृजन, तकनीकी उन्नयन और उद्योग विस्तार के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को सशक्त आधार मिलेगा। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट सर्वे भवंतु सुखिन की भावना को चरितार्थ करता है। केंद्रीय बजट में किसानों की आय बढ़ाने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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