
*टंट्या मामा प्रतिमा विवाद में नगरपालिका अधिकारी सस्पेंड*

इंदौर संभाग मुख्यालय अटैच।
खरगोन (मनीष मडाहर) । जिले में आदिवासी नायक टंट्या मामा की प्रतिमा स्थापना को लेकर उठे विवाद में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगरपालिका के प्रभारी सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेंद्र मेढ़ा को निलंबित कर दिया गया है। आदेश में प्रतिमा स्थापना कार्य में अनियमितताओं के लिए दोनों अधिकारियों को जिम्मेदार बताया गया है। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग, इंदौर निर्धारित किया गया है।
भावनाएं आहत होने का उल्लेख
जारी आदेश में यह भी उल्लेख है कि प्रतिमा स्थापना से जुड़े निर्णयों और कार्यप्रणाली के कारण जनसमूह की भावनाएं आहत हुईं। टंट्या मामा आदिवासी समाज के प्रतीक माने जाते हैं, ऐसे में प्रतिमा को लेकर हुई गड़बड़ियों ने मामला संवेदनशील बना दिया। निर्धारित मापदंडों से अलग प्रतिमा लगाए जाने पर विवाद

जानकारी के अनुसार 15 नवंबर को जहां तय मानकों के अनुरूप धातु या कांसे की प्रतिमा स्थापित होना थी, वहां फाइबर की प्रतिमा लगाए जाने का मुद्दा सामने आया। परिषद के भीतर इस विषय को लेकर लगभग 15 दिनों से तीखी बहस और विरोध चल रहा था।
परिषद के निर्णय की अनदेखी के आरोप
बताया जा रहा है कि 24 सितंबर 2025 को हुई परिषद की पीआईसी बैठक में संगमरमर पत्थर या धातु की प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया गया था। नगरपालिका द्वारा जारी विज्ञप्ति में भी इसी प्रकार की प्रतिमा का उल्लेख था। कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा भी धातु या पत्थर की प्रतिमा लगाने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल
नगरपालिका ने कथित रूप से पिनाक ट्रेडिंग कंपनी, खरगोन से लगभग 9.90 लाख रुपये में प्रतिमा क्रय करने का निर्णय लिया था, लेकिन मौके पर जो प्रतिमा स्थापित की गई वह तय मापदंडों के अनुरूप नहीं बताई जा रही। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि स्थापित प्रतिमा की वास्तविक लागत इससे काफी कम थी। हालांकि इन बिंदुओं की आधिकारिक जांच जारी है।
जेंसी पर कार्रवाई, नए टेंडर जारी
मामले के खुलासे के बाद संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। मापदंडों के अनुरूप नई प्रतिमा स्थापना के लिए पुनः टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार आगामी 45 दिनों में नई प्रतिमा लगाए जाने की तैयारी है।
राजनीतिक घमासान भी तेज
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा समर्थित परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए धरना- प्रदर्शन किया था। वहीं परिषद के कुछ पार्षदों ने भी उच्च स्तरीय जांच और संबंधित ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में है, और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
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