-खरीद अलग रेट पर, बिक्री एक समान मूल्य पर, पशुपालकों में नाराज़गी
अनोखा तीर, हरदा। जिले में डेयरी संचालकों द्वारा दूध की खरीद-फरोख्त में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों को लेकर पशुपालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पशुपालकों का कहना है कि डेयरियां दूध खरीदते समय गाय और भैंस के दूध के अलग-अलग रेट तय करती हैं, लेकिन जब वही दूध बाजार में बेचा जाता है, तो एक समान मूल्य पर बेचा जाता है। पशुपालकों का आरोप है कि इस व्यवस्था से उनका आर्थिक नुकसान होता है। गाय का दूध सस्ता खरीदना और बाद में उसे मिश्रित करके एक ही दर पर बेचना, डेयरी संचालकों की मनमानी को दर्शाता है। स्थानीय पशुपालकों के अनुसार, भैंस के दूध में फैट अधिक होने का तर्क देकर उसका अधिक रेट निर्धारित किया जाता है, लेकिन बिक्री के समय फैट का यही अंतर गायब हो जाता है और आम उपभोक्ता के लिए दूध एक ही श्रेणी में बेचा जाता है। पशुपालक रामलाल जिन्होंने वर्षों से डेयरी को दूध सप्लाई किया है, कहते हैं हम लोग मेहनत से पशु पालते हैं, चारा, भूसा देते हैं, लेकिन डेयरियां हमारा सही मूल्य नहीं देतीं। गाय का दूध खरीद के समय सस्ता बता देती हैं, और बाद में वही दूध भैंस के दूध में मिलाकर एक ही रेट पर बेच देती हैं। यह सीधा नुकसान है। इस मामले पर ग्रामीणों ने प्रशासन से दरों में पारदर्शिता और दूध के वैज्ञानिक मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब खरीद दो श्रेणियों में होती है, तो बिक्री भी उसी मानक पर आधारित होनी चाहिए। डेयरी संचालकों ने इस मुद्दे पर टिप्पणी देने से फिलहाल इंकार कर दिया है।
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