कृषि उपज मंडी में मूंग के मिल रहे कम भाव से किसानों पर मंडराया आर्थिक संकट

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-जिस मूंग का बीज किसानों ने ११ हजार रुपए क्विंटल खरीदा वहीं मूंंग मंडी में ६ हजार रुपए क्विटंल बिक रही

अनोखा तीर, हरदा। जिले के किसानों पर आर्थिक सकंट मंडराने लगा है। इसका कारण है मूंग की एमएसपी पर खरीदी नहीं होना और मंडी मेें मिल रहा मूंग का कम भाव। किसानों ने जिस मूंग के बीज को ११ हजार रुपए प्रति क्विटंल के हिसाब से खरीदा, वही मूंग जब वह मंडी में बेचने पहुंचता है तो उसे मूंग का दाम ६ हजार रुपए क्विटंल मिल रहा है। दो माह की भीषण गर्मी और तेज धूप में अपने शरीर को जलाने वाले दिन-रात बिना आराम के खेतों में मेहनत कर मूंग फसल को उगाने वाले, अपने पसीने से फसल को सींचने वाले किसान की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सरकार के रवैये से यह साफ नजर आ रहा है कि इस बार ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की खरीदी एमएसपी पर नहीं होने वाली। हालांकि किसान अब भी उम्मीद लगाए हुए है और सरकार से मंूग खरीदी की मांग कर रहे हंै। मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसान आक्रोश मोर्चा के द्वारा जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जानकारों की माने तो एमएसपी पर मूंग खरीदी नहीं होने से आगे चलकर मंडी में मूंग का भाव और गिर सकता है। वर्तमान में मंडी में एमएसपी से तीन हजार रुपए कम भाव मिल रहा है।

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सरकार की सदबुद्धि के लिए किया यज्ञ
रविवार को धरना प्रदर्शन के पांचवे दिन किसानों ने सरकार की सदबुद्धि के लिए यज्ञ किया। किसान आक्रोश मोर्चा के बैनर तले समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार को किसानों ने कृषि उपज मंडी के कृषक विश्राम गृह के सामने सरकार की सदबुद्धि के लिए यज्ञ किया। किसान नेता शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि जिले में 1.5 लाख हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई गई है और कटाई का काम शुरू हो चुका है, लेकिन मूंग खरीदी के रजिस्ट्रेशन अब तक शुरू नहीं किए गए हैं।
भोपाल में आंदोलन की चेतावनी
किसान नेता रामजीवन बाष्ट ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो हजारों किसान भोपाल में आंदोलन करेंगे। इसके लिए गांव-गांव संपर्क अभियान भी शुरू किया गया है। किसानों ने कहा कि यदि मूंग की खरीदी नहीं हुई तो उन्हें आर्थिक नुकसान होगा और अगली फसल के लिए साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ सकता है। डॉ. जगदीश सारण ने कहा कि मूंग ही एकमात्र ऐसी फसल है जिससे किसानों को कुछ राहत मिलती है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। किसानों ने मांग की है कि सरकार जल्द ही मंूग खरीदी की प्रक्रिया शुरू करें।
सरकार की कृषि संकल्प योजना के विरूद्ध असहयोग आंदोलन शुरू

मूंग फसल की सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने सरकार की कृषि संकल्प योजना के विरोध में असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है। रविवार को गांव अबगांव कला पहुंची कृषि संकल्प टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने टीम के सामने असहयोग आंदोलन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। जिसके बाद टीम के सदस्यों उलटे पैर लौटना पड़ा। ऐसा ही मामला पूर्व में गांव पांचातलाई में देखने को मिला था। जहां पहुंची टीम को किसानों ने काले झंडे  कहा था कि जब तक मूूंग की सरकारी खरीदी शुरू नहीं होती तब तक किसान किसी भी कृषि संबंधित सरकारी योजना के बारे में किसी भी प्रकार के चर्चा नहीं करेंगे। वहां से टीम को लोटना पड़ा था। किसानों से साफ कर दिया है कि जब तक किसानों की मंूग खरीदी सरकार नहीं करेगी। कृषि संबंधित योजना का गांवों में विरोध करते हुए असहयोग आंदोलन किया जाएगा।

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