-सिराली नगर परिषद में धरने पर बैठे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
-प्रभारी मंत्री के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
अनोखा तीर, सिराली। मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल शर्मा सिराली की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सीएमओ पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और तानाशाही रवैये के आरोप लगाते हुए नगर परिषद अध्यक्ष अनीता अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्याम बुचा और कई पार्षदों ने कार्यालय के बाहर तंबू गाड़कर धरना प्रदर्शन किया। विवाद वार्ड क्र. 3 में नाली निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ, जहां स्थानीय विधायक अभिजीत शाह ने भूमिपूजन किया। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यह कार्य पहले ही शुरू हो चुका था और भूमिपूजन महज औपचारिकता थी। खास बात यह रही कि इस कार्यकम में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों को आमंत्रित तक नहीं किया गया।
कार्य पहले, पूजन बाद में
इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। अध्यक्ष अनीता अग्रवाल ने कहा, यह लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन है। हमें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। सीएमओ की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं है।
पुराने विवाद भी उभरे सामने
यह पहला मौका नहीं है जब सीएमओ राहुल शर्मा पर सवाल उठे हैं। इससे पूर्व भी परिषद भवन निर्माण, टैक्स निर्धारण और निर्माण कार्यों में बिना परामर्श फैसले लेने के आरोप लग चुके हैं। उपाध्यक्ष श्याम बुचा ने कहा, सीएमओ को निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कोई परवाह नहीं है। वे मनमानी करते हैं और जनता पर टैक्स थोपते हैं।
भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप
नगर के मुख्य मार्ग की सड़क निर्माण को लेकर पहले भी व्यापारियों और नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी और अधूरे काम की वजह से नाराजगी बनी हुई है।
पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष मंगोल ने विधायक अभिजीत शाह पर निशाना साधते हुए कहा, नगर के कार्य पूर्व विधायक संजय शाह की देन हैं। वर्तमान विधायक सिर्फ नाम जोड़ने की राजनीति कर रहे हैं। सीएमओ राहुल शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि भूमिपूजन विधायक का व्यक्तिगत कार्यक्रम था, नगर परिषद की तरफ से कोई आयोजन नहीं हुआ था।
प्रभारी मंत्री के आश्वासन के बाद धरना समाप्त
भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल राजपूत द्वारा उपरोक्त मामले में प्रभारी मंत्री से चर्चा की गई और उनके द्वारा आश्वासन दिया गया, इसके बाद धरना समाप्त किया गया।



