-पिछले १८ दिनों में १८ हुए शिकार, १ की मौत, ६ का चल रहा उपचार
अनोखा तीर, हरदा। जिले में लगातार सर्पदंश के मामले बढ़ते जा रहे है। जिला अस्पताल से प्राप्त आंकडों के अनुसार बीते १ अगस्त से १८ अगस्त तक १८ दिनों में १८ लोगों को सांप ने काटा। जिसमें से १ की मौत हो गई, वहीं ६ का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते है। यह सांप अपने लिए सुरक्षित स्थान तलाशते हुए घरों में अपना बसेरा बना लेते है। वही खुले में और खेतों में इधर-उधर घुमने लगते है। ऐसे में खेतों में काम करने वाले और घर में काम करते वक्त लोग को खतरा समझ कर यह उन पर हमला करके डस लेते हंै। ऐसे ही शनिवार को जिला अस्पताल में सर्पदंश के सात मरीज पहुंचे। सात मरीजों में से एक युवक की देर रात मौत हो गई जबकि तीन मरीजों की हालत गम्भीर बताई जा रही है। वही एक महिला की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसका आईसीयू में उपचार जारी है।

एक दिन में हुई यह घटनाए
एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर सर्पदंश से पीड़ित सात मरीज जिला अस्पताल में पहुंचे। जानकारी के अनुसार जिले केे ग्राम छिदगांव मेल में एक व्यक्ति के पुराने मकान को तोड़ने का काम चल रहा था। दीवार तोड़ने के दौरान अचानक कोबरा जमीन से बाहर निकल आया। कोबरा को पकड़ने के लिए रहटगांव निवासी सखाराम पिता बाबूलाल कोरकू एवं उसका साथी राजू गोंड पहुंचे थे। इस दौरान कोबरा ने दोनोंं को कांट लिया। जहां उपचार के दौरान सखाराम कोरकू की मौत हो गई है। जबकि उसके साथी का उपचार जारी है। वहीं दूसरी घटना जिले के सिराली थाना क्षेत्र के ग्राम भटपुरा में हुई, जहां पर हयात-बी पति फसरुख उम्र करीब 32 साल अपने घर किचन में खाना बना रही थी। महिला ने जब चावल बनाने के लिए अलमारी से प्रेशर कुकर निकाला। इस दौरान वहां बैठे जहरीले सांप ने महिला के हाथ में डंक मार दिया। जिसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर आए है। जहां नाजुक हालत होने के चलते आईसीयू में उपचार जारी है। तीसरी घटना में ग्राम झाड़पा के हरिराम सोलंकी को खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय सांप ने डस लिया था। इसी प्रकार चौथी घटना में प्रकाश तंवर बावड़िया भाऊ को चारा काटते समय सांप ने डसा। वहीं पांचवी घटना में सात साल की शिवकली को गहाल में खेलते समय सांप के बच्चे ने काट लिया। जिला अस्पताल में स्नेक बाईट एजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

कोबरा सांप को पकड़कर जिला अस्पताल ले आए पीड़ित
सांप के काटने के बाद दोनों मरीज कोबरा सांप को एक बोरी में भरकर अपने साथ जिला अस्पताल ले आए। सूचना पर वन विभाग की टीम जिला अस्पताल पहुंची और कोबरा को जंगल में छोड़ दिया गया।





