मंडी में फैली अव्यवस्था से किसान और व्यापारी परेशान

 

 

अनोखा तीर, हरदा। कृषि उपज मंडी समिति में फैली अव्यस्थाओं से किसान और व्यापारी दोनों ही परेशान है। एक और जिस हिसाब से जिले में फसलो का उत्पादन होता है उस हिसाब से खरीदी की व्यवस्था न होने से जहां किसानों को उपज बिक्री के लिए दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं व्यापारियों को खरीदी के बाद उपज रखने की सुविधा नहीं मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि कृषि उपज मंडी में हरदा के अलावा सिराली, खिरकिया टिमरनी तथा हंडिया क्षेत्र के किसान अपनी उपज बिक्री के लिए मंडी में पहुंचते हैं। सीजन के दौरान अधिक संख्या में किसानो के पंहुचने पर मंडी की पूरी व्यवस्था चर्मरा जाती है। जिससे किसानों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी होती है। कृषि उपज मंडी में साल भर गेहूं चना, सरसों, मक्का, सोयाबीन मूंग आदि पूरे 12 महीने किसान बिक्री करने के लिए लाते हैं, सीजन के दौरान मुख्य फसल की पैदावार निकलते ही मंडी मे भीड बढ़ जाती है। अधिक मात्रा में ट्रैक्टर ट्राली पहुंचने से व्यवस्था खराब हो जाती है। जिस हिसाब से उपज का उत्पादन होता है उस हिसाब से मंडी प्रबंधन द्वारा बिक्री करने के इतंजाम न होने से दिक्कत खड़ी हो रही है। जहां किसानों को ट्रैक्टर ट्राली खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिल रही है। वहीं व्यापारियों को उपज तोलने के लिए मंडी में खुले आसमान के नीचे ढेर लगाना पड़ रहा है। मंडी व्यापारी अशोक राठौर ने बताया कि जिस हिसाब से मंडी में बिक्री के लिए ट्रैक्टर ट्राली उपज लेकर पहुंच रही है। उस हिसाब से व्यवस्था नहीं है। इस दौरान उपज की तुलाई होने के बाद खुले में ढेर लगना पड़ रहा है। यदि अचानक बारिश होती है तो उपज खराब हो सकती है, जिसका खामियाजा भी व्यापारियों को भुगतना पड़ सकता है। इसके लिए मंडी प्रबंधन को वेयरहाउस तथा टीन के शेड बनाकर देना चाहिए, ताकि व्यापारी आसानी से उपज की तुलाई के बाद व्यवस्थित तरीके से भंडारण कर सके। इस समय मुख्य रूप से चना एवं गेहूं अधिक मात्रा में आ रहा है जिसे तुलाई के पश्चात स्टेक लगाना पड़ता है। रेक लगने पर ट्रकों के माध्यम से रेक पॉइंट पर माल भेज कर ट्रेनों में लाद कर बाहर भेजा जा रहा है। जिस कारण ढुलाई में समय लगता है, इस दौरान यदि मौसम खराब होता है तो परेशानी आ सकती है। जिसके लिए शेड में उपज की तुलाई की जा रही है। मंडी प्रबंधन को व्यवस्था बनाकर किसानों तथा व्यापारियों दोनों को ही सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

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