मिशन हैप्पी हरदा से जुड़ा मैनिट का अध्ययन भ्रमण

-छात्रों ने देखा प्राकृतिक खेती का मॉडल


अनोखा तीर, हरदा। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल के 35 छात्रों ने हरदा जिले की विकास कार्ययोजना तैयार करने और जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का अध्ययन करने के उद्देश्य से हरदा का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान छात्रों ने मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को समझने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य, मृदा उर्वरता, प्राकृतिक खेती और कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।्र मैनिट के प्रोफेसर मनमोहन कापसे और अल्का भरत के मार्गदर्शन में आए छात्रों ने मिशन हैप्पी हरदा के प्रतिनिधि उमेश शर्मा और स्वाति गुरु के साथ बैठक कर जिले में किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान विशेष रूप से मृदा स्वास्थ्य और मृदा उर्वरता में सुधार, प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि, कौशल विकास तथा ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई। बैठक के दौरान छात्रों को बिड़ला प्रौद्योगिकी और विज्ञान संस्थान, मुंबई के छात्रों द्वारा किए गए अध्ययन और विजिट से संबंधित रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही छात्रों को प्राकृतिक और पुनर्योजी कृषि, मृदा संरक्षण तथा किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार की गई सॉयल सेनानी पुस्तक भी प्रदान की गई। छात्रों ने पुस्तक और विजिट रिपोर्ट के माध्यम से हरदा में मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को समझने में रुचि दिखाई। इसके पश्चात मैनिट के छात्रों ने पानतलाई गांव का भ्रमण किया, जहां डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय, खंडवा के कृषि विभाग के कार्यक्रम अंतर्गत छात्र प्राकृतिक खेती का प्रायोगिक कार्य कर रहे हैं। मैनिट के छात्रों ने खेत पर पहुंचकर प्राकृतिक खेती की तकनीकों, मृदा संरक्षण, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा खेती में स्थानीय संसाधनों की भूमिका का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। छात्रों ने आरएडब्ल्यूई के विद्यार्थियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों से चर्चा कर यह भी जाना कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से मृदा की गुणवत्ता को बनाए रखने, कृषि लागत को कम करने तथा पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए किस प्रकार कार्य किया जा सकता है। इस अवसर पर मिशन हैप्पी हरदा की ओर से बताया गया कि हरदा जिले की विकास कार्ययोजना में शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती और युवाओं की सहभागिता को एकीकृत करना आवश्यक है। मैनिट के छात्रों का यह अध्ययन भ्रमण उन्हें जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों को समझने तथा हरदा जिले के लिए व्यावहारिक और प्रभावी विकास कार्ययोजना तैयार करने में उपयोगी अनुभव प्रदान करेगा। मैनिट के छात्रों ने हरदा में विभिन्न संस्थाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य जैसे विषयों को तकनीकी शिक्षा और ग्रामीण विकास के साथ जोड़ना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

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