फसल में मृदाजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु किसानों को सलाह

अनोखा तीर, हरदा। कृषि विज्ञान केंद्र हरदा के वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि आगामी फसल में मृदाजनित बीमारियों को रोकने के लिए ट्राईकोडरमा और स्यूडोमोनास गोबर की खाद में 2-3 लीटर मिलाकर बोनी के 15 दिन पहले मिलाकर नमी की स्थिति में छायादार स्थान पर रखें और बोनी के समय मृदा में मिला दें। यह मिर्ची, सोयाबीन, चना और मूंग में आने वाली बीमारी के प्रबंध में सहायक होता है। इसके द्वारा मिर्ची, बैंगन, टमाटर और अन्य सब्जियों के पौध और मृदा दोनों में उपयोग किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ.संध्या मुरे ने बताया कि पौध उपचार के लिए 10 मिली प्रति लीटर ट्राईकोडरमा का घोल बना लें और जड़ों को 20-25 मिनट के लिए घोल में डुबोने के बाद रोपित करें। नर्सरी तैयार करते समय ट्रे में भी 10 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल में मिलाकर नए पौधों को सुरक्षा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र हरदा में ट्राईकोडरमा विक्रय हेतु 294 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है।

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