-रहटगांव में इकलौते डॉक्टर को भी दूसरी जगह भेजा
अनोखा तीर, रहटगांव। रहटगांव तहसील क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। तहसील क्षेत्र में उपचार की प्रमुख सरकारी सुविधा रहटगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां चिकित्सकों की कमी के बीच पदस्थ डॉ. सौरभ वर्मन की ड्यूटी सप्ताह में दो दिन टिमरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाए जाने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि टिमरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध हैं, जबकि रहटगांव तहसील क्षेत्र में सीमित चिकित्सकीय व्यवस्था के बीच मात्र एक डॉक्टर पर मरीजों की बड़ी संख्या निर्भर है। इसके बावजूद रहटगांव में पदस्थ डॉक्टर को अन्य स्थान पर ड्यूटी देना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को भी रहटगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. साधना सेजेकर ही मरीजों को देख रही हैं। वे महिलाओं के साथ-साथ अन्य मरीजों का भी उपचार कर रही हैं। वहीं चंद्रखाल अस्पताल में ताला लगा होने के कारण वहां के मरीज भी उपचार के लिए रहटगांव पहुंच रहे हैं। इससे एकमात्र उपलब्ध डॉक्टर पर मरीजों का दबाव और बढ़ रहा है।
निजी अस्पताल भी नहीं, मरीज जाएं तो जाएं कहां?
रहटगांव तहसील क्षेत्र की समस्या इसलिए भी गंभीर है क्योंकि क्षेत्र में कोई पर्याप्त निजी अस्पताल उपलब्ध नहीं है, जहां ग्रामीण सरकारी अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उपचार करा सकें। ऐसे में मजबूरी में कई ग्रामीण झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार कराने को मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति भविष्य में किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या अनहोनी का कारण बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को इस तरह मजबूर नहीं होना चाहिए। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तत्काल इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करे। डॉ. सौरभ वर्मन को सिर्फ रहटगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही नियमित रूप से उपचार के लिए उपलब्ध रखा जाए, ताकि तहसील क्षेत्र के मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टिमरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टर हैं तो वहां रहटगांव से डॉक्टर की ड्यूटी लगाने के बजाय ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे रहटगांव जैसे चिकित्सक-विहीन क्षेत्र में उपलब्ध एकमात्र डॉक्टर की सेवाएं स्थानीय मरीजों को नियमित रूप से मिल सकें। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को कब तक संज्ञान में लेता है और क्या रहटगांव के मरीजों को उनका डॉक्टर नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाता है।
जहां डॉक्टर पर्याप्त, वहां ड्यूटी

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