मौसम बदलते ही बढ़ने लगे सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज  

अनोखा तीर, मसनगांव।  सावन के महीने में बारिश का दौर शुरू होने के बाद मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में तेज गर्मी और उमस बनी रहती है, जबकि रात के समय मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। दिन-रात के तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। गांव में इन दिनों सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। घर-घर में कोई न कोई व्यक्ति मौसमी बीमारी से परेशान नजर आ रहा है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और तापमान में बदलाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-जुकाम, खांसी तथा बुखार की शिकायत अधिक देखने को मिल रही है। कई ग्रामीणों का कहना है कि पहले हल्की सर्दी-जुकाम और खांसी हुई, इसके बाद बुखार आने लगा। बीमारी के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बुखार के बाद दस्त की शिकायत
ग्रामीणों के अनुसार बुखार से पीड़ित कई मरीज उपचार और दवाइयां लेने के बाद दस्त की समस्या से भी परेशान हो रहे हैं। कुछ मरीजों को पहले सर्दी-जुकाम हुआ, इसके बाद बुखार आया और उपचार के दौरान दस्त लगने लगे। लगातार बुखार और दस्त के कारण शरीर में कमजोरी महसूस होने की शिकायत मरीजों द्वारा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक बीमारी से राहत मिलने से पहले दूसरी परेशानी शुरू हो जाने से मरीजों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर पर्याप्त इलाज नहीं
मौसमी बीमारियों के बढ़ने के बावजूद गांव में मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से अस्पताल भवन बनाया गया है, लेकिन पर्याप्त चिकित्सक और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में अस्पताल का पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। गंभीर स्थिति या लगातार बुखार रहने पर मरीजों को इलाज के लिए हरदा जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अस्पताल भवन होने के बावजूद यदि चिकित्सक, दवाइयां और आवश्यक उपचार सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं तो इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। मौसमी बीमारियों के दौरान स्थानीय अस्पताल में ही मरीजों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिलना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग से सुविधाएं बढ़ाने की मांग
मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रहे सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामलों को देखते हुए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव के अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही जरूरी दवाइयां, जांच की सुविधा और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाना जरूरी है। इससे ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारी के उपचार के लिए हरदा जाने की परेशानी से राहत मिल सकेगी।

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