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Thursday, 22 October 2026
हरदा

  नो मीटिंग, सीधे जनता से संवाद

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 अब जनता के बीच जाएगी मोहन सरकार
-5 माह चलेगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान

अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश की डॉ.मोहन यादव सरकार अब सीधे जनता से संवाद स्थापित करते हुए अपनी मैदानी हकीकत से रूबरू होगी। प्रभारी मंत्री से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सब गांव गांव और मोहल्ले में जाकर जनता की समस्याओं को मौके पर ही समाधान करेंगे। आज हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि 7 अगस्त से 8 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने प्रभार वाले जिलों जाएं और मैदानी हकीकत का स्वयं आंकलन करें।  आज हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सरकार अब जनता की समस्याओं का समाधान सीधे गांव और वार्ड स्तर पर करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में जन विश्वास अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत हर शुक्रवार मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, कलेक्टर और अधिकारी जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर समाधान करेंगे। यानि सरकार की योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर सीएम मोहन ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। एमपी में अब जनता की समस्याओं का सरकारी दफ्तरों में नहीं बल्कि जनता के बीच समाधान होगा। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जन विश्वास अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इस अभियान के तहत हर शुक्रवार सरकार के मंत्री, विधायक, कलेक्टर और मैदानी अधिकारी गांव और शहरों में सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही समाधान किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाएं और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का स्वयं आकलन करें। इस अभियान में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान योजना जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी सेवाएं और खाद-बीज वितरण जैसी योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर शुक्रवार मंत्रालय, जिला और संभाग स्तर पर कोई बड़ी समीक्षा बैठक नहीं होगी। उस दिन पूरा प्रशासन फील्ड में रहेगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी पर फोकस होगा। अभियान के लिए अतिरिक्त राशि खर्च नहीं होगी। बड़े टेंट नहीं लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस नई पहल का मकसद सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। अब हर शुक्रवार अधिकारी और जनप्रतिनिधि दफ्तरों की बजाय मैदान में नजर आएंगे। इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, शिकायतों का त्वरित समाधान होगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
इन बिंदुओं पर भी होगी जांच-पड़ताल
अभियान के तहत 20 प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं, जिनमें केवल शिकायतें सुनना ही शामिल नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं की कड़ी पड़ताल भी की जाएगी।
– राजस्व और दस्तावेज- नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे के मामलों के साथ-साथ ई-केवाईसी और आधार अपडेशन की स्थिति देखी जाएगी।
– स्वास्थ्य व शिक्षा-अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता, स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता और आंगनवाड़ियों में कुपोषण की स्थिति जांची जाएगी।
– निरीक्षण का दायरा- राशन दुकान, खाद-बीज केंद्र, पेट्रोल पंप, पुलिस थाने, शराब की दुकानें, शस्त्र विक्रेता और निजी स्कूल भी इस जांच के दायरे में रहेंगे।

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