अनोखा तीर, हरदा। ग्राम खेड़ा में बुधवार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ की उपस्थिति में गेहूं की नरवाई जलाने से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में ग्रामीणों को बताया गया। श्रीमती जोसेफ ने कहा कि नरवाई जलाने से मिट्टी के माइक्रो बायोमस, माइक्रो वेक्टेरिया नष्ठ होते है, जो भूमि की उर्वरकता शक्ति को धीरे-धीरे नष्ठ करते है, जिससे भूमि की उत्पादन क्षमता कमजोर हो रही है। पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, भूमि दिनों दिन कठोर हो रही है, आगजनी की घटना होने से मानव जीव को नुकसान हो रहा है, साथ ही उन्नत कृषि यंत्रो के माध्यम से नरवाई प्रबंधन का कार्य किया जा सकता है, जिसमें सुपर सीडर, रोटवेटर, मल्चर का उपयोग किया जाए। कार्यक्रम में तहसीलदार हंडिया वीरेन्द्र सिंह उइके, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत हरदा विश्वजीत पाटीदार, उपसंचालक कृषि जेएल कासदे एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।
जिपं सीईओ ने ग्रामीणों को नरवाई जलाने के दुष्परिणाम बताए

34 Views


