कलेक्टर ने भावांतर पंजीयन केन्द्र का किया निरीक्षण

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  -जिले के सभी पंजीयन केन्द्रों में पंजीयन कार्य सुचारू रहे :  कलेक्टर
अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार को हरदा की कृषि उपज मण्डी में संचालित भावान्तर पंजीयन केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने पंजीयन व्यवस्था का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि जिले के सभी पंजीयन केन्द्रों में पंजीयन कार्य सुचारू रूप से संचालित रहे। कृषि उपज मण्डी स्थित पंजीयन केन्द्र में कम्प्यूटर ऑपरेटर्स की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होने कहा कि जिले में कहीं भी पंजीयन कार्य में किसानों को असुविधा न हो, यह ध्यान रखा जाए। उन्होने निर्देश दिए कि सभी सहकारी समितियों पर पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी प्रदर्शित करने वाले फ्लेक्स भी लगाये जाएं। यहां मौजूद किसानों को कलेक्टर ने भावान्तर योजना की विस्तार से जानकारी भी दी। इस दौरान उप संचालक कृषि जे.एल. कास्दे, एसडीएम अशोक डेहरिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
क्या है भावांतर योजना
भावांतर योजना किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए शुरू की गई सरकार की एक योजना है। यह प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 2018-19 से लागू है। योजना के अनुसार यदि किसान को मंडी में उपज का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम मिलता है, तो राज्य सरकार औसत मॉडल भाव और एमएसपी के बीच के अंतर की राशि सीधे किसान के खाते डालेगी। इसके लिए किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन जरूरी है।
कब से होंगे पंजीयन
भावांतर योजना के अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर 3 से 17 अक्टूबर 2025 तक सोयाबीन का पंजीयन किया जाएगा। इसके साथ ही फसल विक्रय के लिए भावांतर अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था
भावांतर योजना के तहत पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र, सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। यहां किसान अपना निशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था
भावांतर योजना के तहत पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। यहां प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़, किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटों पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता
किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाइल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

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