अनोखा तीर, रहटगांव। रहटगांव तहसील क्षेत्र में इन दिनों अवैध रूप से ईंट बनाने का कारोबार जोरों पर है और अवैध रूप से ईट का निर्माण कर भट्टे वाले लाखों रुपए कमा रहे हैं। वहीं सरकार को भी राजस्व का चुना लग रहा है। ईट भट्टे संचालक अजनाल नदी के पुल के पास आईटीआई के मोहनपुर में पीछे धनगांव एवं फुलड़ी नीम वाली मोड़ के पास एवं धनगांव में अजनाल नदी किनारे अवैध रूप से ईंट भट्टे संचालित किए जा रहे हैं। इन भट्टा संचालकों के पास न तो अनुमति है, न ही वे शासन के नियमों का पालन कर रहे हैं। कार्रवाई न होने के कारण इनके हौसले बुलंद हैं। बिना किसी खौफ के ईंट भट्टे संचालित कर रहे हैं। इन पर कार्रवाई करने और अनुमति देने का अधिकार खनिज विभाग और राजस्व विभाग का है। लेकिन दोनों ही विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही वजह है इन ईंट भट्टों से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ ही नदी नालों को जलस्तर भी कम हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इसके लिए अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन भी किया जा रहा है इस और किसी का ध्यान नहीं है। वही स्थानीय पुल के पास और फुलडी, धनगांव, दूधकच्छ धनगांव नहर के पास सहित अन्य स्थानों पर अजनाल के किनारे अवैघ रुप से ईट भट्टे संचालित हो रहे हैं। इनमें उपयोग में की जाने वाली मिट्टी भी नदी के किनारे से बड़ी मात्रा में खोदी जा रही है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। ईट पकाने में लकड़ियों का भी इस्तेमाल होता है जिससे क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों को भी बगैर परमिशन के काटकर ईट भ_े में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। इस ओर प्रशासन को ध्यान देकर इस पर कार्रवाई करना चाहिए, ताकि बगैर परमिशन के पेड़ ना कटे।
क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित संचालित हो रहे ईंट भट्टे

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