मामला : बुदनी से भैरूंदा तक 47 किमी. टू लेन सडक़ मार्ग का

निर्माण की गति धीमी, निर्माण एजेंसी का कहना, मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण होने से आ रही परेशानी

सितम्बर 2025 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य,47 में से 5.5 किमी. सडक़ का काम पूरा

भैरूंदा। बुधनी से भैरूंदा 146 बी 2 लेन सडक़ का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हो चुका था। निर्माण एजेंसी को यह काम 18 माह की अवधि में पूरा करना था, लेकिन दो वर्ष का समय बीतने को हैं अभी भी 20 फीसदी काम ही हो सका हैं। अभी भी 80 फीसदी काम शेष बचा हैं। निर्माण एजेंसी की मानें तो 47 किमी. में से साढ़े 5 किमी. सडक़ का निर्माण अलग-अलग हिस्सों में किया जा चुका हैं। इसके अतिरिक्त निर्माण प्रगतिरत हैं। दूसरी और प्रशासन का मानना हैं कि भू अर्जन में आई दिक्कतों के चलतें काम में लेटलतीफी हुई हैं, लेकिन अब तेजी के साथ निर्माण शुरु हो चुका हैं। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कमल चौहान के मुताबिक सितम्बर 2025 तक 47 किमी. लंबी सडक़ का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया हैं। वर्तमान में निर्माण एजेंसी बांया से बुधनी के बीच कार्य कर रही है और कुछ हिस्से में डामरीकरण भी हो चुका है। दूसरी और शहरों से निकलने वाले बायपास का निर्माण भी भूमि अधिग्रहण में आ रही दिक्कत के कारण अधर में हैं, हालांकि सलकनपुर व बांया के पास भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने से यहां काम तेजी से चल रहा हैं। लेकिन भैरूंदा वॉयपास में अभी भी भूमि अधिग्रहण को लेकर पेच फंसा हुआ है। उल्लेखनीय उल्लेखनीय हैं कि बुदनी से भैरूंदा के बीच बनने वाली 148.5 करोड़ की लागत से 47.3 किमी. लंबी व 10 मीटर चौड़ी नेशनल हाईवे 146 बी टू – लेन सडक़ निर्माण का कार्य निर्माणाधीन हैं। प्रथम चरण में निर्माण एजेंसी ने रेहटी से सतराना व बांया से बुदनी के बीच 10-10 किमी. ऐरिये में अर्थवर्क व डामरीकरण का कार्य सहित पुल-पुलियाओं का काम चल रहा है। इसके अतिरिक्त बुदनी से भैरूंदा, रेहटी, सतराना, बांया के बीच 24.6 किमी. लंबा बॉयपास भी बनाया जा रहा है।

काम की गति धीमी, एजेंसी का कहना अतिक्रमण बन रहा निर्माण में बाधक
दो वर्षो में 47.3 किमी. सडक़ में से महज साढ़े ५ किमी. सडक़ का निर्माण ही कंपनी कर सकी हैं। अभी भी 42 किमी. से अधिक सडक़ व वॉयपास का निर्माण होना शेष हैं। लेकिन काम की गति धीमी होने से क्षेत्रवासियों को आने वाले दो वर्षो में भी लाभ मिलने की संभावना नजर नहीं आ रही हैं। इस संबंध में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कमल सिंह चौहान ने बताया कि निर्माण की गति तेज कर दी गई हैं। वर्तमान में सलकनपुर व बांया वायपास में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने से तेजी के साथ काम चल रहा है। होलीपुरा में फोरेस्ट इलाके में पुलिया सहित सडक़ का निर्माण चल रहा हैं। लेकिन पांडाडो, ऊंचाखेड़ा व पीलीकरार में अतिक्रमण होने से कार्य नहीं हो पा रहा हैं। ऊंचाखेड़ा व होलीपुरा में लोगों ने सडक़ो पर बाऊंड्रीवाल व पांडाडो में सडक़ पर झुग्गी बनी होने से सडक़ निर्माण में बाधा आ रही हैं। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को भी पत्राचार किया जा चुका हैं। कंपनी के मुताबिक यहां पर 50 से भी अधिक परिवारों का मुख्य सडक़ पर अतिक्रमण हैं। विद्युत विभाग ने भी पोल शिफ्टिंग का स्टीमेट अक्टूबर माह में दिया, जिससे काम देरी से शुरु हुआ। भैरूंदा वॉयपास में भू अर्जन की समस्या से यहां काम अधूरा पड़ा है। हालांकि अधिकारियों ने बुदनी उप चुनाव के बाद समस्याओं को सुलझाने की बात कहीं थी।

सडक़ निर्माण नहीं होने से एक घंटे के सफर में लग रहे दो घंटे
सडक़ निर्माण में लेटलतीफी का खामियाजा वाहन चालकों व आम जनता को भुगतना पड़ रहा हैं। भैरूंदा से होशंगाबाद 50 किमी. का सफर तय करने में दो घंटे से भी अधिक का समय लग रहा हैं। जबकि यह सफर महज एक घंटे में ही पूरा हो जाना चाहिए। सडक़ पर गड्डे अधिक होने से वाहन चालकों के द्वारा सलकनपुर से आंवलीघाट सिवनी होते हुए होशंगाबाद व इटारसी पहुंचा जा रहा हैं। इसके लिए अतिरिक्त फेर लग रहा है। यदि समयावधि में काम पूरा नहीं होता हैं तो दिक्कतें ओर अधिक बढऩे की संभावना है।

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