तीसरे दिन जमकर बरसे बादल, फसल में नुकसान होना तय-बारिश से किसानों में छाई मायूसी

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अनोखा तीर, हरदा। विगत दो दिन हुई बारिश के बाद तीसरे दिन बादल जमकर बरसे। दो घंटे गरज चमक के साथ हुई तेज बारिश ने किसानों की बची हुई उम्मीद भी तोड़ दी है। किसानों का मानना है कि शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद फसल में नुकसान होना तय है। खेत में खड़ी और कट कर पड़ी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। बुधवार-गुरूवार को हुई बारिश के बाद किसानों की बीच हुई थोड़ी उम्मीद को भी शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने तोड दिया है। बारिश के पानी से फसल का दाना अकुंरित हो जाएगा और दाने में दाग भी लगेगा। जिस कारण किसानों को बची हुई फसल कम भाव में बेचनी पडेगी। जिससे लागत भी नहीं निकलेगी और सोयाबीन की फसल घाटे का सौदा साबित होगी। अब किसानों को अगली फसल की चिंता भी सताने लगी है। समय से खेत नहीं बन पाएंगे। शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से शुरू हुई तेज बारिश छह बजे तक होती रही। खबर लिखे जाने तक रिमझिम बारिश और गरज चमक का दौर जारी था। बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भरा गया वही खेतों में जल भराव देखने को मिला। नवमी के चलते पांडालों में होने वालें आयोजनों में भी बारिश ने विघ्न डाल दिया।पिछले 24 घंटों में जिले में 3.2 मि.मी. औसत वर्षाजिले में गत चौबीस घंटों में 3.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि पिछले चौबीस घंटे में हरदा तहसील में 10.2 मि.मी., टिमरनी में 1.2 मि.मी., खिरकिया में 0 मि.मी., रहटगांव में 5 मि.मी. व सिराली में 0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक जिले में 1051.4 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक हरदा तहसील में 1142.8 मि.मी., टिमरनी में 932.8 मि.मी., खिरकिया में 980.4 मि.मी., रहटगांव में 1138.6 मि.मी. व सिराली में 1062.4 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि गत वर्ष की 11 अक्टूबर तक 1146.2 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी थी।

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