अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले में चैत्र मास के पहले सावे पर गणगौर महोत्सव की धूम मची हुई है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन मंडलों द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। ग्राम कमताड़ा का एक ही परिवार द्वारा तैयार किया गया गणगौर मंडल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। परिवार के मुखिया कैलाश सेन ने बताया कि उनका परिवार बीते 15 सालों से गणगौर महोत्सव के दौरान अपनी प्रस्तुति देता आ रहा है। इसमें उनकी पत्नी, दोनों बेटे, बहुएं, नाती-पोती और गांव की बालिकाएं शामिल होती हैं। बड़ा बेटा जितेंद्र पियानो बजाता है, जबकि छोटा बेटा सुरेंद्र ढोलक बजाता है। दोनों बहुएं आरती और योगिता गणगौर के पारंपरिक भजन गाती हैं। परिवार का मानना है कि जीवन को सरल बनाते हुए भक्ति मार्ग के माध्यम से ही परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। वे बहुओं को बेटी की तरह रखते हैं और बहुएं भी सास-ससुर को माता-पिता जैसा सम्मान देती हैं। परिवार की सदस्य लताबाई सेन ने कहा कि उनके दोनों बेटे, बहुएं और बच्चे एक साथ रहते हैं और सभी मिलजुलकर काम करते हैं। पूरे नौ दिनों तक वे अपने घर पर ताला लगाकर गणगौर के भजनों के माध्यम से सांस्कृतिक महोत्सव की पहचान को जीवित रखते हैं।
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