अनोखा तीर, हरदा। समिति फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स द्वारा आरटीई के अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया। यह ज्ञापन भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया, जिसे जिला अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री के हाथों में सौंपते हुए मांगों पर विचार करने का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने ज्ञापन को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया। संगठन के संस्थापक दीपक सिंह राजपूत ने बताया कि वर्तमान में शासन द्वारा आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मात्र 5 हजार प्रति वर्ष प्रति विद्यार्थी फीस प्रतिपूर्ति दी जाती है, जो अत्यंत कम है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में यह राशि 25 हजार प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष दी जा रही है, इसलिए मध्यप्रदेश में भी इसे बढ़ाया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि फीस प्रतिपूर्ति वर्ष में दो बार की जाए, क्योंकि स्कूलों के खर्च मासिक आधार पर होते हैं, जबकि वर्तमान में भुगतान लगभग दो वर्ष के विलंब से होता है। इससे संस्थानों के संचालन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। इसके अतिरिक्त, कोरोना काल के दौरान जो विद्यार्थी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाए, उनके लिए पोर्टल पुन: खोलने की मांग की गई, ताकि गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके। साथ ही, निरंतर संचालित हो रही संस्थाओं को कम से कम 10 वर्षों के लिए स्थायी मान्यता प्रदान करने की भी मांग रखी गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नवीन पांडे, नितिन नेगी, नरेंद्र सिंह तोमर, अनिल राजपूत, नरेंद्र शर्मा, ओपी यादव, त्रिलोक शर्मा, देवेंद्र सिंह बघेल, सईद खान, अनिल राजपूत, प्रदीप चलोत्रे, संदीप नेमा, अरविंद गौर सहित अन्य स्कूल संचालक उपस्थित रहे।
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