-शहीद दीप सिंह चौहान सिंचाई उद्वहन परियोजना को दी स्वीकृति
-अब यशोदा योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को मिलेगा दूध
-हरदा में 199.79 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण व 32.48 करोड़ के कार्यों का हुआ भूमिपूजन
अनोखा तीर, हरदा। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले में लगभग २०० करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया, तो वहीं ३२ करोड़ के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन करते हुए कई सौगातें दी। पूर्व मंत्री कमल पटेल की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शहीद दीप सिंह चौहान सिंचाई उदव्हन परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करते हुए कहा कि अब हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचिंत जिला हो जाएगा। डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कांग्रेस शासनकाल में हरदा जिले की स्थिति और आज की स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि तब हरदा आना श्रीलंका जाने जैसा था, लेकिन आज तो यहां चारों ओर सड़कों का जाल तथा विकास की बहार देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि भाग्यशाली हैं हरदावासी जो बिजली, पानी और सिंचाई में आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने नवीन शिक्षा सत्र से स्कूलों में यशोदा योजना के तहत बच्चों को दूध पिलाने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में सरकार सदैव तत्पर है एवं कृषि आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं एवं अनुदान व्यवस्था लागू की है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश में कृषि विकास के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश देश का तेजी से रोजगार दिलाने वाला प्रदेश बन रहा है। किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केन्द्रित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, विधायक आर.के. दोगने, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेश वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आज हरदा को तीन सांदीपनि स्कूलों की सौगात भी मिली है। वर्ष 2003 में लोगों को रात्रि में भी बिजली नहीं मिलती थी लेकिन आज गांव-गांव में चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है। इसी तरह गत बीस वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य भी बढ़ाया गया है। आगामी वर्षों में गेहूं 2700 रूपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़द पर किसानों को 600 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। इसी तरह शासन ने गौशालाओं में गायों को रखरखाव के लिए 20 रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गाय कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसान गौशालाओं को भूसा उपलब्ध कराते है तो उन्हें भूसा बनाने की मशीन एवं अन्य साधनों की सहुलियत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर हाथ को काम और हर खेत को पानी पहुंचाया जा रहा है। नदी जोड़ो अभियान के तहत मध्यप्रदेश के राजस्थान की सीमा से सटे 13 जिलों में सिंचाई का प्रबन्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 2003 में मात्र 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी लेकिन हमारी सरकार ने विगत 20 वर्ष में 55 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई सुविधा का विस्तार किया है और आगामी 5 वर्ष में लगभग 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होने कहा कि प्रदेश के किसानों के बच्चों को कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत बनाने के लिए कृषि महाविद्यालयों के अलावा अब विश्वविद्यालयों में भी बीएससी कृषि का पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को सशक्त प्रदेश बनाने का कार्य किया है। किसानों के हित में समर्थन मूल्य, बोनस एवं भावान्तर योजना के द्वारा किसानों को लाभान्वित किया है। उन्होने कहा कि आज राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 75 सहकारिता निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक आर.के. दोगने ने भी संबोधित किया। इसके पहले पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने स्वागत भाषण दिया।
झलकियां
मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से बांधा साफा
-चांदी का मुकुट पहनने में झिझकते नजर आए मुख्यमंत्री
-उद्बोधन दौरान बार-बार कांग्रेस विधायक की ली चुटकी
-चंद कांग्रेसियों ने किया विरोध, मंच पर बैठे विधायक
-जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया प्रदेश का प्रधानमंत्री
-कार्यक्रम संचालक को नहीं पता था मुख्यमंत्री का पूरा नाम, बार-बार मोहन सिंह यादव के नाम से किया संबोधित


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