दीपोत्सव का त्योहार स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से मनाएं

-रहटगांव में गूंजा स्वदेशी का भाव
अनोखा तीर, हरदा। स्वदेशी जागरण एवं स्वावलंबन अभियान की हरदा टोली द्वारा रहटगांव स्थित आईटीआई, गौरव विद्या निकेतन स्कूल, एलएन पालीवाल शासकीय उच्चतर विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच स्वदेशी भावना को जागृत करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में जिला समन्वयक नरेंद्र राठी ने अपने प्रभावी उद्बोधन में अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए देश के समग्र विकास में स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी अपनाना अनिवार्य है। प्रांतीय मेला सह-समन्वयक रविलाल पटेल ने दीपोत्सव जैसे पर्वों पर विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संदेश दिया। प्रमुख वक्ता डॉ. एल.एन. पाराशर ने कहा कि यदि भारत को विश्व की अर्थव्यवस्था में प्रथम स्थान पर लाना है, तो हमें स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय, संस्कृति और आचार-विचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। विदेशी वस्तुओं के प्रति बनी आदतों को त्यागना आवश्यक है। कार्यक्रम के विस्तारक ने विद्यार्थियों के बीच स्वदेशी के नारे लगवाए और स्वावलंबन अभियान को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान लगभग 2000 स्वदेशी पत्रक वितरित किए गए, जिनमें स्वदेशी एवं विदेशी वस्तुओं की जानकारी दी गई। विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने इस जागरण अभियान की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

349 Views

Leave a Reply